/newsnation/media/media_files/2024/11/25/6znxlWWx5cf1wCIWidy1.jpg)
अमेकिरा ने सीरिया में इस्लामिक स्टेट (ISIS) के खिलाफ बड़ा प्रहार किया है. इसमें 30 से अधिक ठिकानों पर हवाई हमले किए गए हैं. यह हमला ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक के तहत किया गया. इसका लक्ष्य ISIS के नेटवर्क को पूरी तरह से नष्ट करना है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, इन हमलों में ISIS के कई ठिकाने, हथियारों के भंडारण केंद्र और ट्रेनिंग बेस निशाने पर लिए गए हैं. अमेरिका ने इस हमले में एफ-15 ईगल फाइटर जेट, ए-10 थंडरबोल्ट अटैक एयरक्राफ्ट, AH-64 अपाचे हेलीकॉप्टर और HIMARS रॉकेट सिस्टम का उपयोग किया है.
हमले के लिए ISIS को जिम्मेदार ठहराया
यह हमला पिछले महीने पाल्मायरा में हुए घातक हमले के जवाब में किया गया है. इसमें दो अमेरिकी सैनिक और एक अमेरिकी नागरिक मारे गए थे. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले के लिए ISIS को जिम्मेदार ठहराया है और चेतावनी दी है कि जो भी आतंकी संगठन अमेरिका पर हमला करने या धमकी देने की कोशिश करेगा, उसे पहले से कहीं ज्यादा खतरनाक जवाब दिया जाएगा.
विपक्षी समूहों के बीच समझौता हो सकता है
अमेरिका के हमले का सीरिया की राजनीती पर गहरा असर होगा. इस हमले से सीरिया में ISIS के खिलाफ लड़ाई को मजबूती मिल सकती है. इससे सीरिया की राजनीति में भी अस्थिरता आ सकती है. इस हमले में सीरिया के राष्ट्रप​ति अहमद अल-शारा की सरकार को मजबूती मिल सकती है. मगर इससे ISIS के खिलाफ लड़ाई में भी तेजी आ सकती है. वहीं, इस हमले से सीरिया में शांति प्रक्रिया पर भी प्रभाव पड़ सकता है. ISIS के खिलाफ लड़ाई में सीरिया सरकार और विपक्षी समूहों के बीच समझौता हो सकता है. इस हमले से सीरिया की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है. इससे देश में अस्थिरता आ सकती है और विदेशी निवेशकों को भी इससे नुकसान हो सकता है.
/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)
Follow Us