News Nation Logo
Banner

'सामान फेंकना हिंसा और जानलेवा हमला करना शांतिपूर्ण प्रदर्शन', ऐसे खुली मीना हैरिस की पोल

भारत की छवि बिगाड़ने के लिए मीना हैरिस किसान आंदोलन के समर्थन में एक के बाद एक कई ट्वीट कर चुकी हैं.

News Nation Bureau | Edited By : Sunil Chaurasia | Updated on: 05 Feb 2021, 12:12:57 PM
मीना हैरिस Exposed

मीना हैरिस Exposed (Photo Credit: https://twitter.com/meenaharris)

नई दिल्ली:

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के नए कृषि कानूनों के विरोध में किसान आंदोलन लगातार 72वें दिन भी जारी है. 26 जनवरी को किसानों के ट्रैक्टर परेड में दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में उपद्रवियों ने जमकर उत्पात मचाया. उग्र किसानों ने लाल किला पर कब्जा कर लिया और अपना झंडा फहरा दिया. इसके अलावा उन्होंने सरकारी और सार्वजिनक संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचाया. उग्र किसानों ने 26 जनवरी को ड्यूटी पर तैनात किए गए दिल्ली पुलिस के जवानों पर लाठी-डंडों और तलवार से जानलेवा हमला किया था. इतना ही नहीं, उपद्रवियों ने पुलिसकर्मियों को ट्रैक्टर से कुचलने का भी प्रयास किया था.

भारत के गणतंत्र दिवस के मौके पर पुलिसकर्मियों पर हुए हमले की तस्वीरें दुनियाभर में वायरल हुईं. बस फर्क सिर्फ इतना था कि किसी ने इसे किसानों का उत्पात करार दिया तो किसी ने अपनी आंखों पर पट्टी बांधकर इसे किसानों का शांतिपूर्ण आंदोलन बता दिया.

अमेरिकी उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस की भतीजी मीना हैरिस भारत में चल रहे किसान आंदोलन का खुला समर्थन कर रही हैं. भारत की छवि बिगाड़ने के लिए मीना हैरिस किसान आंदोलन के समर्थन में एक के बाद एक कई ट्वीट कर चुकी हैं. मीना हैरिस की मंशा को देखते हुए सोशल मीडिया पर उनका एक पुराना ट्वीट वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने एक स्टोर में सामान फेंकती हुई लड़की के रवैये को हिंसा बताया था.

मीना हैरिस के वायरल ट्वीट में आप देखेंगे कि अमेरिकी उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस की भतीजी एक लड़की के गुस्से को हिंसा बता रही हैं. ट्वीट में लगे वीडियो में आप देखेंगे कि एक लड़की स्टोर में सामान फेंक रही है, क्योंकि उसे मास्क लगाने के लिए कहा गया था.

मीना हैरिस के इन ट्वीट से ये आसानी से समझा जा सकता है कि वे भारत विरोधी गतिविधियों में किस कदर शामिल हैं. जहां एक तरफ वे लड़की द्वारा सामान फेंकने को हिंसा बता रही हैं तो वहीं दूसरी ओर उग्र किसानों द्वारा पुलिसकर्मियों पर किए गए हमले को वे शांतिपूर्ण आंदोलन बता रही हैं.

बता दें कि 26 जनवरी को किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा में दिल्ली पुलिस के 500 से भी ज्यादा जवान घायल हुए थे. फिलहाल, दिल्ली पुलिस हिंसा में शामिल दोषियों की तलाश में लगातार कार्रवाई कर रही है. दिल्ली पुलिस हिंसा में शामिल कई लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है और कई ट्रैक्टरों को भी सीज किया जा चुका है . इसके अलावा कई ट्विटर हैंडलों की भी पहचान की जा चुकी है, जिनसे भड़काऊ और फर्जी खबरें शेयर की गई थीं.

First Published : 05 Feb 2021, 12:04:49 PM

For all the Latest Viral News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.