UGC New Rule Controversy: यूजीसी जो है यूनिवर्सिटी ग्रैंड कमीशन एक रेगुलेटरी बॉडी है. इस रेगुलेटरी बॉडी ने जो नए रेगुलेशन सामने लेकर आए हैं इसको लेके बवाल मचा है. यूजीसी जो है आज जग में उपहास का कारण बन रहा है और इसका कारण भी है क्योंकि पहले से ही एक व्यवस्था जो चली आ रही थी उस व्यवस्था में एक नई बात डालकर आपने डिस्क्रिमिनेशन खत्म करने के नाम पर एक व्यापक बवाल खड़ा कर दिया. इसके लिए जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ यूजीसी है. जो संविधान की मूल भावना है. आर्टिकल 15, आर्टिकल 14, आर्टिकल 17 यह जो रेगुलेशन है यह उसकी मूल भावना के खिलाफ है. कितनी देर तक यह सुप्रीम कोर्ट की दहलीज पर टिके रहेंगे वो कोई कह नहीं सकता। बहरहाल सवाल यह है कि क्या यूजीसी के नए नियमों से सवर्ण छात्रों की परेशानी बढ़ेगी? क्या कैंपस में होने वाले भेदभाव को रोकने के लिए नए कानून नहीं आने चाहिए? क्या सरकार की सफाई के बाद यूजीसी नियमों का विवाद समाप्त हो जाएगा? क्या विवाद की जड़ भेदभाव की कैटेगरी में ओबीसी को शामिल करना है? देखिए न्यूज नेशन की खास पेशकश सवाल है बवाल है.