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खबर विशेष: चिन्मयानंद पर कानूनी शिकंजा, औरैया में रिश्वतोखोर दरोगा, बाढ़ से बेहाल वाराणसी, देखें बड़ी खबरें

Updated : 20 September 2019, 06:14 PM

स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती विद्यार्थी जीवन से ही वे राजनैतिक गतिविधियों में सक्रिय रहे. वे 1991 में भाजपा के टिकट पर बदायूं से, 1998 में मछलीशहर और जौनपुर से 1999 में सांसद रहे. वे केंद्र सरकार में गृह राज्यमंत्री भी रह चुके हैं. 1984 में राम जन्मभूमि संघर्ष समिति का राष्ट्रीय संयोजक भी बने. 1976 में जेपी आंदोलन में भाग लिया, तीन बार जेल भी गए. अर्द्धकुम्भ और कुम्भ में लोगों के कल्याणार्थ अनेक शिविर लगाते हैं. उन्होंने उपनिषद दर्शन, भक्ति सुधा और पावन-पथ पुस्तकों की रचना भी की थी.