इन हमलों की खास बात यह है कि यह उस वक्त हुए जब ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजेशियान ने हाल ही में पड़ोसी देशों से माफी मांगी थी.
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध अब और जटिल होता जा रहा है. जंग के आठवें दिन भी ईरान ने अपने पड़ोसी खाड़ी देशों की दिशा में ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं. हालांकि सऊदी अरब, कुवैत और यूएई के एयर डिफेंस सिस्टम ने इन मिसाइल और ड्रोन को इंटरसेप्ट कर दिया. इन हमलों की खास बात यह है कि यह उस वक्त हुए जब ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजेशियान ने हाल ही में पड़ोसी देशों से माफी मांगी थी. उन्होंने कहा था कि ईरान की मंशा खाड़ी देशों को निशाना बनाने की नहीं बल्कि वहां मौजूद अमेरिकी ठिकानों को जवाब देना है.
ईरान किसी भी हालत में सरेंडर नहीं करेगा
इसके बावजूद लगातार हो रहे हमलों ने पूरे क्षेत्र में असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है. खाड़ी देशों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है और कई जगह एयर डिफेंस सिस्टम लगातार सक्रिय रखा गया है. इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि मिडिल ईस्ट में हालात अभी भी बेहद नाजुक बने हुए हैं. उन्हें पड़ोसी देशों पर हुए हमलों के लिए खेद है. उन्होंने कहा कि अंतरिम लीडरशिप काउंसिल ने फैसला लिया है कि पड़ोसी देशों पर आगे कोई हमला नहीं किया जाएगा| उन्होंने यह भी कहा कि ईरान तब तक इन देशों पर मिसाइल नहीं दागेगा जब तक वहां से ईरान पर हमला नहीं होता| लेकिन उन्होंने साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया कि ईरान किसी भी हालत में सरेंडर नहीं करेगा.
ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया
पजेशकियान ने यह बयान ऐसे समय दिया है जब इजराइल और अमेरिका की ओर से ईरान पर लगातार हवाई हमले किए जा रहे हैं. इन हमलों में ईरान के कई सैन्य ठिकानों, कमांड सेंटर और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया है. यही वजह है कि तेहरान लगातार जवाबी कार्रवाई कर रहा है. दरअसल राष्ट्रपति पजेशियान ने अपनी माफी के साथ एक शर्त भी रखी है. उन्होंने कहा कि अगर पड़ोसी देशों की जमीन या एयर स्पेस
का इस्तेमाल करके ईरान पर हमला किया गया तो तेहरान चुप नहीं बैठेगा. शनिवार रात इजराइल ने ईरान के कई ठिकानों पर जोरदार हमले किए जिनमें तेहरान का एक बड़ा ऑयल डिपो भी निशाना बना. इसे अब तक के सबसे बड़े हमलों में से एक माना जा रहा है.
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