ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह खामेनेई अपना खौफ कायम रखने के लिए क्रूरता की सारी हदें पार कर चुके हैं.
ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह खामेनेई अपना खौफ कायम रखने के लिए क्रूरता की सारी हदें पार कर चुके हैं. वो प्राइवेट मिलेशिया के जरिए दमन चक्र चला रहे हैं. ये बासेज फोर्स को प्रदर्शनकारियों में शामिल करवाकर कत्लेआम मचा रहे हैं. ईरान में जिस बासिज फोर्स पर नरसंहार का आरोप लग रहा है, वो बासेज आईआरजीसी के तहत आती है. इसके बावजूद बासेज फोर्स की अपनी ब्रिगेड है. कौन-कौन है वह ब्रिगेड जो ईरान में अलग-अलग नाम से जानी जाती है? इमाम हुसैन ब्रिगेड इसके जिम्मे आतंकवाद से जंग करना है. इमाम अली ब्रिगेड को दंगों से निपटने की जिम्मेदारी दी गई है. फतेहहीन यूनिट यह गुप्त ऑपरेशन में एक्सपर्ट है. आर्म्ड ब्रिगेड इसका काम दुश्मनों से निपटना है. एंटी राइट फोर्स यह दंगाइयों से निपटने का काम करती है. जासूसों का नेटवर्क विदेशों तक फैला हुआ है. कुल मिलाकर खामेनेई के एक इशारे से यह सारे ब्रिगेड मरने पर उतारू हो जाते हैं. ईरान में बंदूक के सहारे बगावत को कुचलने की कोशिश है. प्रदर्शनकारियों के दमन पर उतारू पासिस फोर्स के जवान सत्ता बचाने के लिए जनता पर गोलियां दाग रहे हैं.
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