Union Budget 2026: आगामी बजट से देश के अलग-अलग वर्गों (किसानों, मध्यम वर्ग, महिलाओं, करदाताओं और स्वास्थ्य क्षेत्र) को कई उम्मीदें हैं. किसानों का कहना है कि खाद के दाम कम हों, सिंचाई की बेहतर सुविधा मिले और हर पंचायत स्तर पर भंडारण व्यवस्था हो. वे चाहते हैं कि फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़े, कृषि ऋण पर ब्याज घटे और 60 वर्ष के बाद किसानों को पेंशन मिले.
करदाताओं को बड़ी उम्मीदें
कर सलाहकार शरदचंद्र बेहरा का मानना है कि टैक्स व्यवस्था सरल होनी चाहिए. डिजिटल सेवाएं, आयकर रिटर्न और जीएसटी प्रक्रिया आम लोगों की समझ में आने लायक बनाई जाए. उन्होंने धारा 80 के तहत मिलने वाली छूट की पारदर्शी जांच की भी बात कही.
महिलाओं की मांग
घरेलू महिलाओं ने रसोई गैस, खाद्य तेल, दाल, सब्जी और अन्य जरूरी सामानों की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताई है. उनका कहना है कि घर का किचन बजट संभालना मुश्किल होता जा रहा है, इसलिए महंगाई पर काबू जरूरी है.
बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग
भुवनेश्वर के डॉक्टर बी. जगदीश ने स्वास्थ्य क्षेत्र में अधिक निवेश की मांग की है. उनका कहना है कि दवाइयों और मेडिकल मशीनों की कीमत कम की जाए और छोटे अस्पतालों को भी आधुनिक सुविधाएं मिलें. कुल मिलाकर, जनता चाहती है कि बजट महंगाई कम करे, खेती को मजबूत बनाए और शिक्षा व स्वास्थ्य को सस्ता व सुलभ बनाए.
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