UNCOVERED With Manoj Gairola: टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान ने पहले भारत के साथ मैच ना खेलने का एलान किया. लेकिन उसने यू टर्न लिया है और मैच खेलने को तैयार हो गया है. न्यूज नेशन की इस खास पेशकश में जानते हैं आखिर पाकिस्तान को यू टर्न क्यों लेना पड़ा.
UNCOVERED With Manoj Gairola: पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने सार्वजनिक तौर अपने बयान में कहा था कि वे भारत के साथ कोई मैच नहीं खेलेंगे. मगर आईसीसी (ICC) के बढ़ते दबाव और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की सख्त हिदायतों के बाद पाकिस्तान को अपना निर्णय बदलना पड़ा. आपको बता दें कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत बनाम पाकिस्तान मैच 15 फरवरी को होना है. ये अपने शेड्यूल के अनुसार ही खेला जाएगा.
पाकिस्तान सरकार ने इस मैच के बहिष्कार का एलान किया था. पहले से ही अंदेशा थी कि मैच की तारीख करीब आते-आते पाकिस्तान अपने फैसले से पलट जाएगा. ऐसा हुआ भी. आखिर पाकिस्तान को यू टर्न क्यों लेना पड़ा? इसके हर पहलू समझा रहे हैं न्यूज नेशन ए़डिटर इन चीफ मनोज गैरोला अपने खास प्रोग्राम 'UNCOVERED With Manoj Gairola' में. देखिए न्यूज नेशन की ये खास पेशकश.
पाकिस्तान ने क्यों लिया यूटर्न?
भारत के साथ मैच खेलने को लेकर पाकिस्तान यूं ही नहीं राजी हो गया. इसके लिए हमें वर्ल्ड क्रिकेट की इकोनॉमी को समझना होगा. और उससे भी ज्यादा ICC की इकोनॉमी को. हम शुरुआत करते हैं पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के पूर्व चेयरमैन रमीज राजा के पाकिस्तान सीनेट यानी पाकिस्तान की संसद में दिए गए एक बयान से. रमीज राजा का ये बयान पाकिस्तान क्रिकेट की हालत के बारे में हैं.
दरअसल, इसमें रमीज राजा कहते हैं कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की 50 प्रतिशत फंडिंग ICC से आती है. ये वो पैसा है जो आईसीसी टूर्नामेंट करा कर कमाता है और अपने सदस्य देशों को बांट देता है. आईसीसी की पूरी कमाई का 90 प्रतिशत हिस्सा भारत से आता है. यानी एक तरह से भारत के बिजनेस हाउसेस पाकिस्तान के क्रिकेट को चला रहे हैं. रमीज राजा ये भी कहते हैं कि अगर इंडिया का प्रधानमंत्री ये सोच ले कि हम पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को फंडिंग नहीं देंगे. तो पाकिस्तान का क्रिकेट बोर्ड कॉलेप्स हो सकता है.
आईसीसी में क्या है पाकिस्तान का योगदान?
एक सीनेटर यानी सांसद के सवाल पर रमीज राजा ने जवाब देते हुए कहा कि पाकिस्तान का आईसीसी में योगदान जीरो है. वो इसलिए क्योंकि पाकिस्तान की इकोनॉमी बहुत खराब है. यानी अब ये बात साफ है कि पाकिस्तान मानता है कि पाकिस्तान का का क्रिकेट इंडियन बिजनेसमैन चला रहे हैं. जो कंपनियों के मार्केटिंग बजट का पैसा होता है, जो विज्ञापनों में खर्च होता है
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