News Nation Logo
Breaking
पहले बड़े मंगल के मौके पर लखनऊ में बजरंगबली के मंदिरों पर दर्शनार्थियों की भीड़ मैरिटल रेप का मामला SC पहुंचा, याचिकाकर्ता खुशबू सैफी ने दिल्ली HC के फैसले को SC में चुनौती दी मुंबई : कार्तिक चिदंबरम और उनसे जुडे ठिकानों पर सीबीआई की छापेमारी दिल्ली : कुतुबमीनार के कुव्वुतुल इस्लाम मस्जिद मामले की याचिका पर साकेत कोर्ट में सुनवाई टली मथुरा जिला अदालत में एक और याचिका, शाही ईदगाह मस्जिद को सील करने की मांग दाऊद के करीबी और 1993 मुंबई धमाकों के वॉन्टेड आरोपियों को गुजरात ATS ने पकड़ा हरिद्वार हेट स्पीच मामला : जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी उर्फ़ वसिम रिज़वी को 3 महीने की अंतरिम जमानत जम्मू : म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन में गैर कानूनी लाउडस्पीकर बैन के प्रस्ताव के पारित होने पर हंगामा चिंतन शिविर के बाद हरियाणा कांग्रेस की कोर टीम आज शाम राहुल गांधी से करेगी मुलाकात वाराणसी कोर्ट में आज ज्ञानवापी सर्वे रिपोर्ट पेश नही होगी, तीन दिन का और समय मांगा जाएगा राजस्थान : पुलिस कांस्टेबल भर्ती में 14 मई की द्वितीय पारी की परीक्षा दोबारा ली जाएगी जम्मू कश्मीर : राजौरी इलाके के कई वन क्षेत्रों में भीषण आग, बुझाने में जुटे फायर टेंडर्स
Banner

Chaitra Navratri 2022: चैत्र नवरात्रि के पहले दिन इस विधि से करें मां शैलपुत्री की पूजा, जीवन में बनी रहेगी स्थिरता |ChaitraNavratri2022|

Updated : 22 March 2022, 03:15 PM

चैत्र नवरात्रि (chaitra navratri 2022) में पहले दिन मां शैलपुत्री (maa shailputri puja vidhi) की पूजा की जाती है. मां शैलपुत्री हिमालयराज की पुत्री हैं. शैल का मतलब पत्थर या पहाड़ होता है. नवरात्रि के पहले दिन शैलपुत्री की पूजा इसलिए की जाती है, ताकि जीवन में उनके नाम की तरह स्थिरता बनी रहे. नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना के बाद मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है. आपतो बता दें कि पुराणों में कलश को भगवान गणेश का स्वरुप माना गया है इसलिए नवरात्रि में पहले कलश पूजा की जाती है. तो, चलिए इस दिन की पूजा विधि और कथा (maa shalputri katha) के बारे में बताते हैं.