मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में बीजेपी कार्यशाला और किसान प्रतिनिधियों के साथ बैठक में हिस्सा लिया. सरकार ने गेहूं और उड़द पर बोनस के साथ किसानों के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं.
भोपाल और इंदौर के प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को प्रदेश के विकास और संगठन की मजबूती के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए. मुख्यमंत्री ने न केवल बीजेपी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया, बल्कि किसान प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उन्हें बड़ी राहत देने वाले निर्णय भी लिए.
बीजेपी कार्यशाला में संगठन की मजबूती पर जोर
भोपाल के रविंद्र भवन में आयोजित 'पंडित दीनदयाल प्रशिक्षण अभियान' के तहत मुख्यमंत्री ने संभाग स्तरीय कार्यकर्ता कार्यशाला का उद्घाटन किया. इसमें चंबल, ग्वालियर, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के करीब 600 वक्ताओं ने हिस्सा लिया. सीएम ने कहा कि अदक प्रशिक्षण बेहतर हो, तो राष्ट्र सेवा की हर राह आसान हो जाती है. ये प्रशिक्षित वक्ता अब मंडल स्तर पर जाकर कार्यकर्ताओं को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार करेंगे.
गेहूं और उड़द की खरीदी पर बोनस का बड़ा ऐलान
मुख्यमंत्री निवास पर किसान संघ के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में सरकार ने किसानों के हक में बड़े फैसले लिए. मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार गेहूं पर केंद्र की एमएसपी के ऊपर 40 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस देगी, जिससे अब गेहूं 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा. साथ ही, उड़द की फसल पर भी 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने का निर्णय लिया गया है. किसानों की सुविधा के लिए गेहूं पंजीयन की आखिरी तारीख भी 7 मार्च से बढ़ाकर 10 मार्च कर दी गई है.
बिजली समस्या का समाधान और इंदौर दौरा
किसानों को रात में सिंचाई के दौरान होने वाली परेशानियों से बचाने के लिए सीएम ने बड़ा निर्देश दिया. अब किसानों को खेती के लिए दिन में बिजली उपलब्ध कराई जाएगी. कार्यक्रमों की इसी कड़ी में सीएम इंदौर भी पहुंचे, जहां उन्होंने आने वाले 'गैर महोत्सव' और होली की अग्रिम बधाई देते हुए प्रदेश में सौहार्द बनाए रखने की अपील की. सरकार ने साल 2026 को 'किसान कल्याण वर्ष' के रूप में मनाने का संकल्प लिया है.
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