पिछले साल मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार ने मध्य प्रदेश के विकास के लिए ₹4,21,323 करोड़ का भारी-भरकम बजट पेश किया था. इस बजट में सरकार का सबसे ज्यादा ध्यान प्रदेश की महिलाओं और किसानों पर दिखा. 'लाडली बहना योजना' के लिए सरकार ने ₹18,669 करोड़ का बड़ा हिस्सा अलग रखा था, वहीं किसानों की मदद के लिए 'मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना' में ₹5,220 करोड़ की व्यवस्था की गई थी. इसके साथ ही, गौ संवर्धन के लिए ₹55 करोड़ का बजट रखा गया था.
युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने प्रदेश में 22 नए आईटीआई (ITI) बनाने और 3 लाख नई नौकरियों का बड़ा लक्ष्य तय किया था. उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए ₹2,000 करोड़ का निवेश प्रोत्साहन भी दिया गया. आम जनता को राहत देते हुए 'अटल गृह ज्योति योजना' में ₹7,132 करोड़ और स्वास्थ्य के लिए 'आयुष्मान भारत' को ₹1,277 करोड़ दिए गए. इसके अलावा, पीएम जनमन योजना के लिए भी ₹100 करोड़ का इंतजाम किया गया था। पिछले साल की इन बड़ी घोषणाओं के बाद अब सबकी नजरें इस साल आने वाले नए बजट पर टिकी हैं.