Magh Mela 2026: प्रयागराज के संगम तट पर सजा माघ मेला इस बार महाकुंभ जैसी आभा बिखेर रहा है. पौष पूर्णिमा के स्नान के बाद से लाखों श्रद्धालु और हजारों साधु-संत यहां जुटे हैं. मेले में आध्यात्म और संस्कृति के विविध रंग देखने को मिल रहे हैं. कहीं अनोखे हठयोगी हैं तो कहीं भक्ति में रमे साधु आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं.
इन्हीं में 65 वर्षीय स्वामी अमोहानंद महाराज खास हैं, जिनकी भगवा वेशभूषा, स्कूटी और केसरिया हेलमेट पर हनुमान जी, प्रभु श्रीराम और अयोध्या के राम मंदिर की छवियां अंकित हैं. वे मानते हैं कि जीवन का हर कार्य भक्ति से जुड़ा होना चाहिए. वहीं रायबरेली के पूर्व सैनिक रंजीत सिंह पिछले 20 वर्षों से अन्न त्यागकर केवल फलाहार पर जीवित हैं और पूर्णतः स्वस्थ हैं. मेले में ‘फटीचर बाबा का राम-राम’ कैंप भी चर्चा में है, जहां बिना आडंबर, केवल राम नाम और सेवा की भावना से जीवन जिया जाता है.