Lakh Take Ki Baat: दिल्ली दंगे केस में सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद और शरजिल इमाम को नहीं दी जमानत

Lakh Take Ki Baat: अदालत के मुताबिक दोनों आरोपियों के खिलाफ साजिश के आरोप प्रथम दृष्टया साबित होते हैं, इसलिए इस स्तर पर जमानत नहीं दी जा सकती.

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Yashodhan Sharma
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Lakh Take Ki Baat: अदालत के मुताबिक दोनों आरोपियों के खिलाफ साजिश के आरोप प्रथम दृष्टया साबित होते हैं, इसलिए इस स्तर पर जमानत नहीं दी जा सकती.

Lakh Take Ki Baat: दिल्ली दंगों से जुड़े एक अहम मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने उमर खालिद और शरजिल इमाम की जमानत याचिका खारिज कर दी है, जबकि इसी केस में पांच अन्य आरोपियों को सशर्त जमानत दे दी गई. कोर्ट ने साफ कहा कि उमर खालिद और शरजिल इमाम की भूमिका अन्य आरोपियों से अलग और ज्यादा गंभीर है.

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सुप्रीम कोर्ट ने यूएपीए कानून को लेकर अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि यह कानून सिर्फ मौत या बड़े नुकसान तक सीमित नहीं है, बल्कि सेवाओं को बाधित करने और अर्थव्यवस्था को खतरे में डालने वाले मामलों पर भी लागू हो सकता है. अदालत के मुताबिक दोनों आरोपियों के खिलाफ साजिश के आरोप प्रथम दृष्टया साबित होते हैं, इसलिए इस स्तर पर जमानत नहीं दी जा सकती.

कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि उमर खालिद और शरजिल इमाम एक साल तक दोबारा जमानत याचिका दाखिल नहीं कर सकते. फरवरी 2020 के दिल्ली दंगों में 53 लोगों की मौत और सैकड़ों लोग घायल हुए थे.

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