Jharkhand News: नाइजर में 8 महीने कैद रहे झारखंड के 5 मजदूर भारत लौटे, जंगल में बनाया था बंधक

Jharkhand News: आठ महीने तक अपहरणकर्ताओं के कब्जे में रहने के बाद झारखंड के पांच प्रवासी मजदूर सुरक्षित घर लौट आए हैं. पीड़ितों ने जंगल में बंधक बनाए जाने की दर्दनाक कहानी बताई.

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Deepak Kumar
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Jharkhand News: आठ महीने तक अपहरणकर्ताओं के कब्जे में रहने के बाद झारखंड के पांच प्रवासी मजदूर सुरक्षित घर लौट आए हैं. पीड़ितों ने जंगल में बंधक बनाए जाने की दर्दनाक कहानी बताई.

Jharkhand News: झारखंड के पांच प्रवासी मजदूर, जिन्हें आठ महीने पहले अगवा कर लिया गया था, अब सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं. गिरिडीह जिले के बगोदर इलाके के रहने वाले ये मजदूर काम के सिलसिले में नाइजर गए थे, जहां अपराधियों ने उनका अपहरण कर लिया. घर लौटते ही परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े.

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अपहरण कर जंगल में रखा गया था बंधक

बंधक बनाए गए मजदूर संजय महतो ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि किडनैपर्स ने उनके हाथ बांध दिए थे और आंखों पर पट्टी बांधकर उन्हें दूर जंगल में ले जाया गया. उन्होंने बताया कि उनका मोबाइल और सारा पैसा छीन लिया गया था और परिवार से संपर्क करने की बिल्कुल अनुमति नहीं थी. हालांकि, खाने-पीने में कोई कमी नहीं की गई.

सरकार और विदेश मंत्रालय की मदद से हुई रिहाई

झारखंड सरकार के श्रम विभाग के तहत चल रहे राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष के प्रमुख शिख लाकड़ा ने मजदूरों की सुरक्षित वापसी की पुष्टि की है. गिरिडीह के उपायुक्त ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष और विदेश मंत्रालय के संयुक्त प्रयास से इन मजदूरों की रिहाई संभव हो सकी. करीब आठ महीने बाद बंधन से आजाद होकर घर लौटे मजदूर अब अपनों के बीच सुरक्षित हैं और अपने बुरे दिनों को पीछे छोड़ने की कोशिश कर रहे हैं.

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Jharkhand News Hemant Soren
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