Indian Army Chief Upendra Dwivedi का ऐलान, फिर शुरू हो सकता है Operation Sindoor

ऑपरेशन सिंदूर आतंक के खिलाफ भारत की नीति है। ऑपरेशन सिंदूर ने आतंक के खिलाफ लड़ाई में एक नई लकीर खींच दी है। एक नया पैमाना न्यू नॉर्मल तय कर दिया। क्या हम इस ऑर्गेनाइजेशंस को पहले देख रहे थे?

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Dheeraj Sharma
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ऑपरेशन सिंदूर आतंक के खिलाफ भारत की नीति है। ऑपरेशन सिंदूर ने आतंक के खिलाफ लड़ाई में एक नई लकीर खींच दी है। एक नया पैमाना न्यू नॉर्मल तय कर दिया। क्या हम इस ऑर्गेनाइजेशंस को पहले देख रहे थे?

Indian Army Chief Upendra Dwivedi: आतंकवादियों के खिलाफ भारत के इतिहास का सबसे बड़ा और सफल ऑपरेशन है, उस 88 आवर्स में आपने देखा कि कन्वेंशनल स्पेस को बढ़ाने के लिए आर्मी का जो मोबिलाइजेशन था वो इस प्रकार से था कि कोई भी ऐसी गलती अगर पाकिस्तान ने की जिसमें कि हमें मजबूर होना पड़ा ग्राउंड ऑपरेशन शुरू होने के लिए हमने पूरी तैयारी कर दी। कि जितनी खबर हमारे पास है तकरीबन आठ कैंप्स अभी भी हमारे ऐसे नॉलेज में हैं जो कि एक्टिव हैं। जिसमें से दो तकरीबन आईबी के अपोजिट हैं और छह एलसी के अपोजिट हैं। और इन कैंप्स में तकरीबन अभी भी हम समझते हैं कि किसी प्रकार की प्रेजेंस या ट्रेनिंग है। तो इसलिए हम उसके नजर रखे हुए हैं। उसकी खबर कोशिश करते हैं हासिल करने की और अगर कोई ऐसे दोबारा हरकत हुई तो हम जरूर उसको जो हमारा इरादा है हम उसको जरूर अंजाम देंगे।

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ऑपरेशन सिंदूर आतंक के खिलाफ भारत की नीति है। ऑपरेशन सिंदूर ने आतंक के खिलाफ लड़ाई में एक नई लकीर खींच दी है। एक नया पैमाना न्यू नॉर्मल तय कर दिया। क्या हम इस ऑर्गेनाइजेशंस को पहले देख रहे थे? हां, हम इस ऑर्गेनाइजेशनंस को पहले देख रहे थे। इनको हमने काफी कुछ तक वैलिडेशन किया था। इसको डेजर्ट टरेन में किया था। हेल्टीट्यूड ट्रेन में किया था। तो वैलिडेशन चल रहा था। लेकिन क्योंकि ऑफ सिंदूर ऑन है इसलिए हमें इसको जल्दबाजी में और जल्द से जल्द हमने इसको कमीशन करना पड़ा। इसको हमने एक शेप देना पड़ा। भारतीय सेना प्रमुख ने स्पष्ट कर दिया है कि पाकिस्तान में अब भी टेरर कैंप स्थापित किए जा रहे हैं और जरूरत पड़ी तो वह पलटवार करेंगे क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर जारी है। सवाल यह है क्या पाकिस्तान की तरफ से युद्ध के लिए उकसावे की कारवाई हो रही है? क्या ऑपरेशन सिंदूर 2.0 से पाकिस्तान को धूल चटाना जरूरी हो गया है? क्या भारतीय सेना इस बार पाकिस्तान में जमीनी कार्रवाई कर सकती है? ये कुछ ऐसे सवाल हैं जो इस चर्चा में हम शामिल करने जा रहे हैं। बहुत ही खास मेहमान हमारे साथ जुड़ रहे हैं। ये बहुत ही खास पैनल हमारे साथ जुड़ रहा है। डॉ दीपक बोहरा साहब फॉर्मर एंबेसडर. 

Sawal hai Bawal Hai
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