मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल से निकालने का आदेश जारी करने के बाद न्यूजनेशन ने कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर से एक्सक्लुसिव बातचीत की. आइये जानते हैं, उनसे क्या बात हुई….
एक चीज फिक्स हो गई है कि हिंदुओं के साथ कुछ भी होता रहे, मिस्टर केकेआर को कोई फर्क नहीं पड़ता है. मिस्टर केकेआर सिर्फ पैसे कमाने के लिए ही हिंदुओं के अपने बनेंगे लेकिन जब हिंदुओं पर विपत्ति आएगी तो ये लोग हिंदुओं के साथ खड़े नहीं होंगे. ये कहना है मशहूर कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर का. उन्होंने न्यूज नेशन के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत की. इंटरव्यू में उन्होंने आईपीएल की केकेआर टीम में बांग्लादेशी खिलाड़ी को मौका देने पर आपत्ति जताई. साथ ही उन्होंने बीसीसीआई को धन्यवाद भी कहा कि उन्होंने बांग्लादेशी खिलाड़ी को आईपीएल से निकालने का आदेश दिया.
पढ़ें देवकीनंदन ठाकुर से क्या बातचीत हुई
न्यूजनेशन से कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि हम मुंबई में थे, जब हमें पता चला कि आईपीएल में बांग्लादेशी क्रिकेटर को रखा गया है. हमको बहुत कष्ट हुआ. हमने व्यासपीठ से इसका विरोध करने की शुरुआत की. जिस बांग्लादेश में हमारे मंदिरों को तोड़ा जा रहा है, मंदिरों को जलाया जा रहा है. भगवान की छवियों को नष्ट किया जा रहा है. हमारे बच्चों को जला रहे हैं, हमारी माताओं-बहनों और बुजुर्गों को जिंदा जलाया जा रहा है. जिस बांग्लादेश में ऐसा हो रहा है, उस देश के क्रिकेटर को नौ करोड़ रुपये क्यों दिया जा रहा है भाई. हमने व्यासपीठ से 50-60 हजार लोगों के बीच इसका विरोध किया. हमने बीसीसीआई से इसकी शिकायत की हमने मिस्टर केकेआर से भी कहा कि बांग्लादेशी क्रिकेटर को बाहर निकाला जाए. 25-26 दिसंबर को हमने विरोध शुरू किया और आज बीसीसीआई ने हमारी बात को सुना और उस बांग्लादेशी प्लेयर को आईपीएल से बाहर किया. हम इसके लिए बीसीसीआई का बहुत धन्यवाद करते हैं.
आपने ही क्यों खरीदा बांग्लादेशी प्लेयर?
लेकिन मिस्टर केकेआर, हम हिंदुओं के साथ खड़े नहीं हुए. उनका एक बयान तक नहीं आया. उन्होंने आगे कहा कि बाकी नौ टीमें भी हैं, उन्होंने तो नहीं खरीदा, बस इन महोदय ने ही क्यों खरीदा, कितने सारे भारतीय क्रिकेटर भी है, जो नहीं बिके उनमें से नहीं खरीदा गया. कितने सारे भारतीय खिलाड़ी भी हैं, जो नहीं खरीदे गए. बस एक आपने ही खरीदा. किसी ने जबरदस्ती तो नहीं की थी, आपके पास च्वाइस थी, आप छोड़ सकते थे.
हिंदुओं का सेंटीमेंट्स हर्ट हो रहा है
उन्होंने आगे कहा कि जब आपने देखा कि हिंदुओं का सेंटीमेंट्स हर्ट हो रहा है, तब तो आप छोड़ सकते थे. बीसीसीआई के हस्तक्षेप से पहले ही आप कह देते कि मैं इसे अपनी टीम से निकालता हूं. इस बात से एक चीज फिक्स हो गई है कि हिंदुओं के साथ कुछ भी होता रहे, मिस्टर केकेआर को कोई फर्क नहीं पड़ता है. ये बात हम सभी हिंदू समझ गए हैं. हमें आज एक बात समझ आ गई है कि ये लोग सिर्फ पैसे कमाने के लिए ही हिंदुओं के अपने बनेंगे लेकिन जब हिंदुओं पर विपत्ती आएगी तो ये लोग हिंदुओं के साथ खड़े नहीं होंगे.
अब जानें क्या है पूरा मामला
दरअसल, केकेआर ने बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा था. इसके बाद बांग्लादेश में फिर से हिंसा शुरू हो गई. बांग्लादेश में हिंदुओं को टार्गेट करके मारा जा रहा है. उनके घरों को जलाया जा रहा है. बांग्लादेश में 20 दिनों के अंदर-अंदर चार हिंदुओं की हत्या की जा रही है. इसी बात पर रोष जताते हुए देवकीनंदन ठाकुर और जगद्गुरू रामभद्राचार्य सहित अन्य साधू-संतों ने मोर्चा खोल दिया, जिसके बाद तीन जनवरी यानी आज बीसीसीआई ने मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल से निकालने का आदेश दे दिया.
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