यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, छात्रों को आज 944 करोड़ 55 लाख इस वर्ष की छात्रवृत्ति उनके अकाउंट में सीधे डीबीटी के माध्यम से दे दिए गए. यानी नियत साफ हो, नीति स्पष्ट हो तो भ्रष्टाचार रूपी दानों को नियंत्रित किया जा सकता है.
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, 19 लाख छात्र-छात्राओं को हृदय से बधाई देता हूं. जिन्हें आज इस सुविधा का लाभ प्राप्त हो रहा है. इस सुविधा में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ी जाति, सामान्य जाति और अल्पसंख्यक वर्ग से जुड़े हुए छात्रों को आज 944 करोड़ 55 लाख इस वर्ष की छात्रवृत्ति उनके अकाउंट में सीधे डीबीटी के माध्यम से दे दिए गए. यानी नियत साफ हो, नीति स्पष्ट हो तो भ्रष्टाचार रूपी दानों को नियंत्रित किया जा सकता है.
आप सोचिए ना इसी छात्रवृत्ति के लिए आज से 9 वर्ष पहले जो नौजवान उस समय अध्ययन करता था इसी भ्रष्टाचार के कारण उस छात्रवृत्ति नहीं प्राप्त करता था. क्योंकि पहले तो सरकार की नियत साफ नहीं रहती थी. अपने पराए का भेद करती थी. परिवारवाद के चंगुल से बाहर नहीं निकल पाती थी और अगर वहां से निकला भी तो उनके गुरुओं के भ्रष्टाचार से योजनाएं कहां वंचित रह पाती थी. वहां से भी निकल गई तो फिर बाबू नीचे का बैठा हुआ समाज कल्याण विभाग का बाबू ये उनका भी उस्ताद था क्योंकि पैसा लेकर के नियुक्ति प्राप्त करता था.
ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराई गई
परिणाम क्या होता था? एक गरीब मारा जाता था. एक गरीब वंचित होता था. एक गरीब प्रताड़ित होता था और इसीलिए प्रधानमंत्री ने कहा कि वंचित को वरीयता मिलनी चाहिए. पिछड़ों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए और इस वरीयता और प्राथमिकता की ही का परिणाम है कि टेक्नोलॉजी का उपयोग किया गया. ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराई गई. तो यह ई गवर्नेंस से इसी गवर्नेंस का एक बेस्ट मॉडल आपके सामने इस रूप में सामने आ रहा है. यही तो सुशासन है. यहां पर हर व्यक्ति इस सर्व समावेशी विकास का लाभ प्राप्त कर सके. बिना भेदभाव के प्राप्त कर सके.
आप में से हर एक तबके का व्यक्ति छात्रवृत्ति की दृष्ट से यहां पर भी और हर जनपद में उपस्थित है. आप सोचो 19 लाख छात्र एक साथ एक क्लिक से जैसे ही मैंने अपने सहयोगी मंत्रियों के साथ उस यहां पर बटन दबाया उनके अकाउंट में पैसा चला गया. क्या किसी का चेहरा देखकर के स्कॉलरशिप दी.
/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)
Follow Us