नरसिंहपुर में ई-जीरो एफआईआर को लेकर जागरूकता कार्यक्रम, साइबर फ्रॉड पीड़ितों को मिलेगी तुरंत राहत

नरसिंहपुर के पुलिस कंट्रोल रूम स्थित एसपी कार्यालय में साइबर अपराधों से निपटने के लिए लागू की गई ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था को लेकर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया.

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Ravi Prashant
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नरसिंहपुर के पुलिस कंट्रोल रूम स्थित एसपी कार्यालय में साइबर अपराधों से निपटने के लिए लागू की गई ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था को लेकर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया.


नरसिंहपुर के पुलिस कंट्रोल रूम स्थित एसपी कार्यालय में साइबर अपराधों से निपटने के लिए लागू की गई ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था को लेकर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस मौके पर पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीणा ने बताया कि यह पहल केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से की गई है, जिसे अमित शाह ने अपने ग्वालियर प्रवास के दौरान विस्तार से बताया था.

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डॉ. मीणा के अनुसार, साइबर फ्रॉड की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने ई-जीरो एफआईआर का कॉन्सेप्ट लागू किया है. मध्य प्रदेश को इस योजना के पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना गया है और दिल्ली के बाद यह दूसरा राज्य है, जहां इसे सफलतापूर्वक लागू किया गया है.

इस व्यवस्था के तहत अगर किसी व्यक्ति के साथ 1 लाख रुपये से अधिक का साइबर फ्रॉड होता है, तो उसे तत्काल थाने जाने की जरूरत नहीं होगी. पीड़ित अपने घर से ही 190 नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कर सकता है. शिकायत दर्ज होते ही वह स्वतः ई-जीरो एफआईआर में बदल जाएगी.

हालांकि, शिकायतकर्ता को तीन दिन के भीतर संबंधित थाने में पहुंचकर अपने बयान दर्ज कराने और जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे. इसके बाद ई-जीरो एफआईआर को नियमित एफआईआर में बदलकर पुलिस द्वारा जांच की जाएगी. यह कदम साइबर अपराध पीड़ितों को त्वरित और आसान न्याय दिलाने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है.

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