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(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)
कोलकाता, 29 अगस्त (आईएएनएस)। सीपीआई(एम) सांसद विकास रंजन भट्टाचार्य ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के हालिया बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
विकास रंजन भट्टाचार्य ने अरविंद केजरीवाल के बयान को एक व्यक्ति विशेष की टिप्पणी करार देते हुए कहा कि उनमें इस पर टिप्पणी करने की कोई रुचि नहीं है। यदि कोई सचमुच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आरएसएस का विरोधी है, तो उसे वामपंथी दलों के नेतृत्व में एकजुट होना चाहिए।
उन्होंने कहा, वामपंथी, लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष दलों का संयुक्त मोर्चा आज की आवश्यकता है। अगर कोई धर्मनिरपेक्ष दलों को भाजपा के बराबर लाने की कोशिश करता है, तो वह अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा को मजबूत करेगा।
मोहन भागवत के हिंदू वाले बयान पर विकास रंजन भट्टाचार्य ने कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा, क्या मोहन भागवत आरएसएस के नींव के चार्टर को भूल गए हैं? आरएसएस का चार्टर सांप्रदायिक है। यह संगठन कम्युनिस्ट और मुस्लिम विरोधी रहा है। अब जनता के दबाव और जागरूकता के कारण वे लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।
भट्टाचार्य ने आरएसएस को एक सांप्रदायिक संगठन करार देते हुए कहा कि उनकी सभी अभिव्यक्तियां और विचार सांप्रदायिक भावना पर आधारित हैं।
मोहन भागवत के डीएनए वाले बयान पर तंज कसते हुए भट्टाचार्य ने कहा, अगर डीएनए एक ही है, तो कौन सी बकवास आपको इस नतीजे पर ले आई है कि आप मुस्लिम विरोधी हैं? अगर डीएनए एक ही है, तो आपको यह कहने की क्या जरूरत थी कि आप कम्युनिस्ट विरोधी हैं? इससे पता चलता है कि उन्हें डीएनए के बारे में कोई जानकारी नहीं है। यह दिखाता है कि उन्हें डीएनए की वैज्ञानिक अवधारणा की कोई समझ नहीं है।
मोहन भागवत की उस टिप्पणी पर कि आरएसएस सरकार में सब कुछ तय नहीं करता विकास रंजन भट्टाचार्य ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, वे अति आत्मविश्वास से ग्रस्त हैं। यह आरएसएस की मानसिक समस्या है। अगर वे सब कुछ तय करते, तो शायद और आगे बढ़ जाते। लेकिन वे भारतीय जनता की मूल भावना को नहीं समझते। भारतीय लोग सौहार्द, बंधुत्व और व्यक्तिगत सम्मान के साथ जीना जानते हैं, जो आरएसएस का दर्शन नहीं है।
भट्टाचार्य ने इस बात पर जोर दिया कि देश में सांप्रदायिकता और विभाजनकारी ताकतों का मुकाबला करने के लिए वामपंथी और धर्मनिरपेक्ष दलों का एक मजबूत गठबंधन जरूरी है। उन्होंने कहा कि केवल एकजुट होकर ही ऐसी ताकतों को रोका जा सकता है, जो समाज में नफरत और विभाजन फैलाने का काम करती हैं।
--आईएएनएस
एकेएस
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