'पापा मुझे बचा लीजिए, पानी बहुत ठंडा है', मौत से पहले ग्रेटर नोएडा के इंजीनियर ने पिता को किया था कॉल

ग्रेटर नोएडा में घने कोहरा का कहर देखने को मिला. जहां एक इंजीनियर की कार घने कोहरे के चलते अनियंत्रित होकर नाले की बाउंड्री तोड़कर निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट में भरे पानी में गिर गई. जिससे इंजीनियर की मौत हो गई.

ग्रेटर नोएडा में घने कोहरा का कहर देखने को मिला. जहां एक इंजीनियर की कार घने कोहरे के चलते अनियंत्रित होकर नाले की बाउंड्री तोड़कर निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट में भरे पानी में गिर गई. जिससे इंजीनियर की मौत हो गई.

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Suhel Khan
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Noida Engineer Death

ग्रेटर नोएडा में घने कोहरे का कहर Photograph: (Social Media)

ग्रेटर नोएडा में एक इंजीनियर की उसके पिता के सामने ही मौत हो गई. इंजीनियर ने मरने से पहले अपने पिता को मदद के लिए कॉल किया था. लेकिन पिता भी अपने बेटे की मदद नहीं कर सके और उसने पिता के सामने ही दम तोड़ दिया. हादसे के बाद इंजीनियर ने अपने पिता को कॉल किया और कहा कि पापा मुझे बचा लीजिए, पानी बहुत ठंडा है. पूरे मामले में प्रशासन की लापरवाही बताई जा रही है. चलिए जानते हैं क्या है पूरा मामला...

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जानें क्या है पूरा मामला?

दरअसल, उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में शुक्रवार देर रात एक सॉफ्टवेटर इंजीनियर की कार एक मॉल के बेसमेंट में भरे पानी में गिर गई. जब ये हादसा हुआ उस वक्त घना कोहरा और विजिबिलिटी काफी कम हो गई थी. जिससे सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता को पहचान नहीं हुई और उनकी कार नाले की बाउंड्री तोड़कर मॉल के बेसमेंट में भरे पानी में गिर गई. कार के पानी में गिरने के बाद युवराज ने बाहर निकलने की काफी कोशिश की, लेकिन वह कार का दरवाजा नहीं खोल पाए.

मदद के लिए पिता को किया कॉल

जब युवराज मेहता कार से बाहर नहीं निकल पाए तो उन्होंने अपने पिता राजकुमार मेहता को कॉल किया. उन्होंने अपने पिता से कहा कि, 'पापा मैं गहरे गड्ढे में गिर गया हूं, जिमसें पानी भरा हुआ है. पानी बहुत ठंडा है, मैं डूब रहा हूं, प्लीज आजकर मुझे बचा लीजिए, मैं मरना नहीं चाहता हूं.' बेटे की बात सुनने के बाद राजकुमार मेहता ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को फोन किया. उन्होंने मामले की गंभीरता को समझाया. उसके बाद राजकुमार मेहता घटनास्‍थल पर पहुंच गए. थोड़ी देर में पुलिस और दमकल विभाग के कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए.

कौन है युवराज की मौत का जिम्‍मेदार?

जब राजकुमार मेहता घटना स्‍थल पर पहुंचे उस वक्त युवराज कार में बचाओ-बचाओ चिल्‍ला रहा था. इसके साथ ही उसने अपने मोबाइल टॉर्च की लाइन भी चला रखी थी, लेकिन घना कोहरा और अंधेरा होने की वजह से पुलिस और दमकल विभाग के कर्मचारी युवराज को समय रहते गड्डे से निकाल नहीं पाए. जिससे युवराज ने अपने पिता के सामने ही तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया. बताया जा रहा है कि रात करीब पौने दो बजे युवराज कार समेत पानी में डूब गए. राजकुमार मेहता ने अपने बेटे की मौत के लिए प्रशासन की लापरवाही के लिए जिम्मेदार ठहराया है.

नोएडा प्राधिकरण ने कब्जे में ले रखा है मॉल

जानकारी के मुताबिक, सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत जिस मॉल के गड्डे में डूबने से हुई है. उसे नोएडा प्राधिकरण ने अपने कब्‍जे में ले रखा है, बावजूद इसके प्राधिकरण ने वहां सुरक्षा के उपाय नहीं किए. युवराज के पिता का आरोप है कि खतरनाक मोड़ होने के बावजूद उस स्थान पर पुलिस ने बैरिकेडिंग नहीं की थी और ना ही रिफ्लेक्‍टर्स लगाए थे. इसी वजह से ये हादसा हुआ.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बिल्डर ने करीब 10 साल से बेसमेंट का गड्ढा खोद कर छोड़ा हुआ है. हादसे के बाद पुलिस ने घटनास्थल पर बेरिकेट्स लगाए हैं. घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्राधिकरण की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं. लोगों का आरोप है कि मौके पर पहुंचने के बाद भी दमकल विभाग और पुलिस मूक दर्शक बनी रही.

गुरुग्राम की कंपनी में कार्यरत थे युवराज

बताया जा रहा है कि युवराज मेहता गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे. घटना वाली रात वह ऑफिस से ग्रेटर नोएडा स्थित अपने घर लौट रहे थे. जब वे सेक्‍टर-150 एटीएस ले-ग्रैंडियोज के पास टी-प्‍वाइंट पर पहुंचे, तो उनकी कार अनियंत्रित होकर नाले की दीवार तोड़कर एक निर्माणाधीन मॉल के परिसर में जा गिरी, जहां पानी भरा हुआ था. घटना के बाद प्रशासन ने आनन-फानन में करीब 70 फीट गहरे उस खाली प्लॉट में मलबा और कूड़ा डालकर भरवा दिया. 

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