कूरियर ऐप से घर-घर पहुंच रहा था हाई-क्वालिटी गांजा, नोएडा पुलिस ने किया पर्दाफाश

नोएडा पुलिस ने एक ऐसे गैंग का भंडाफोड़ किया जो ई-कॉमर्स बॉक्स और फर्जी बिलों के जरिए गांजा सप्लाई करता था. 10.1 किलो गांजा बरामद, तीन आरोपी गिरफ्तार किया. मास्टरमाइंड ने पांच साल में NCR में बड़ा नेटवर्क खड़ा किया था.

नोएडा पुलिस ने एक ऐसे गैंग का भंडाफोड़ किया जो ई-कॉमर्स बॉक्स और फर्जी बिलों के जरिए गांजा सप्लाई करता था. 10.1 किलो गांजा बरामद, तीन आरोपी गिरफ्तार किया. मास्टरमाइंड ने पांच साल में NCR में बड़ा नेटवर्क खड़ा किया था.

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Ravi Prashant
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NOIDA POLICE

नोएडा पुलिस Photograph: (FREEPIK/X)

नोएडा पुलिस ने एक ऐसे ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जो देखने में किसी ई-कॉमर्स डिलीवरी जैसा लगता था, लेकिन अंदर से पूरा मॉडल अवैध गांजा सप्लाई पर टिका था. यह गैंग गांजा को ऑनलाइन शॉपिंग पैकेज की तरह पैक कर कूरियर ऐप के जरिए घर-घर डिलीवर कराता था. पुलिस ने सेक्टर-113 क्षेत्र में छापेमारी कर इस गिरोह के सरगना और दो साथियों को गिरफ्तार किया है.

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कैसे चल रहा था नेटवर्क

जांच में सामने आया कि पूरा कारोबार बेहद सुनियोजित तरीके से चलता था. सबसे पहले गैंग के लोग कॉलेजों और कॉर्पोरेट दफ्तरों के आसपास संभावित ग्राहकों से संपर्क करते थे. भरोसा बनते ही नंबर शेयर किए जाते और आगे की बातचीत फोन पर होती. ऑर्डर लेने से लेकर पेमेंट तक सब कुछ डिजिटल मोड में होता था. ग्राहक लोकेशन शेयर करते और फिर डिलीवरी किसी ऐप जैसे पोर्टर पर बुक की जाती.

पैकेजिंग देख करते थे शानदार

सबसे दिलचस्प हिस्सा था पैकेजिंग. पुलिस के अनुसार, गैंग ई-कॉमर्स कंपनियों की तरह दिखने वाले बॉक्स और टेप का इस्तेमाल करता था, जिन पर लोकप्रिय ब्रांड्स जैसे अमेजन आदि के लुक की नकल होती थी. इसके साथ ही फर्जी बिल भी तैयार किए जाते थे ताकि पार्सल बिल्कुल वैध सामान जैसा लगे. इस तरह अगर रास्ते में किसी कारण से पैकेज रोका जाता, तो पकड़ा जाने वाला डिलीवरी राइडर होता, जो असल माल के बारे में जानता भी नहीं था. इसी ‘डिकॉय’ मॉडल से गिरोह अपने आप को बचाए रखता था.

10 किलो माल हुआ बरामद

पुलिस ने छापेमारी में 10.1 किलो गांजा बरामद किया है, जिसकी कीमत काले बाजार में लगभग 30 लाख रुपये बताई जा रही है. जब्त माल में OG, Mango और Shillong जैसे हाई-क्वालिटी स्ट्रेन शामिल हैं. अधिकारियों के मुताबिक, ये सामान्य गांजे से पांच गुना महंगा बिकता है.

कई लोग हुए गिरफ्तार

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मास्टरमाइंड योगेंद्र प्रताप सिंह (कन्नौज), सूरज उर्फ रुद्र (नालंदा, बिहार) और शिवकेश त्रिपाठी (हरदोई) शामिल हैं. सिंह पहले नोएडा की एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था. वहां ड्रग के बढ़ते उपयोग को देखकर उसने खुद सप्लाई का काम शुरू किया और पांच साल में NCR में बड़ा नेटवर्क बना लिया. वह पहले भी NDPS एक्ट के तहत गिरफ्तार हो चुका है और फिलहाल जमानत पर था.

पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह गांजा ओडिशा, आंध्र प्रदेश, नेपाल और मेघालय के शिलांग से मंगाता था. फिलहाल सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है और पुलिस नेटवर्क से जुड़े बाकी लोगों की तलाश में जुटी है.

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