Rules Change from 1 September
1 सितंबर 2025 से देश भर में कई बड़े बदलाव होने वाले हैं, जिनका सीधा असर हर आम आदमी की जेब और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा. सबसे बड़ा बदलाव जीएसटी यानी गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स सिस्टम को लेकर चर्चा में है. क्योंकि सितंबर की तीन और 4 तारीख को जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक नई दिल्ली में आयोजित होगी. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस बैठक में मौजूदा चार टैक्स स्लैब 5% 12% 18% और 28% को खत्म कर सिर्फ दो स्लैब 5 और 12% का प्रस्ताव रखा जा सकता है. अगर ऐसा होता है तो टैक्स स्ट्रक्चर सरल होगा और रोजमर्रा के इस्तेमाल की कई चीजों के दाम घट सकते हैं. जिससे आम जनता को सीधा फायदा मिलेगा.
1 सितंबर से चांदी के कारोबार में भी बड़ा बदलाव
इसके अलावा 1 सितंबर से चांदी के कारोबार में भी बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा, क्योंकि सरकार चांदी पर हॉल मार्किंग को अनिवार्य करने जा रही है. इसका मतलब यह होगा कि अब ग्राहक आसानी से चांदी की शुद्धता और गुणवत्ता की जांच कर सकेंगे, जिससे बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी और नकली या कम शुद्धता वाली चांदी की बिक्री पर रोक लगेगी. निवेशकों के लिए यह भी बड़ा बदलाव फायदेमंद रहेगा. हालांकि दामों पर इसका असर पड़ सकता है. इसी दिन यानी 1 सितंबर को हर महीने की तरह एलपीजी सिलेंडर के दाम भी बदले जाएंगे. तेल कंपनियां घरेलू और 1:34 कमर्शियल गैस सिलेंडर की नई कीमतें तय करेंगी. अगर दाम बढ़े तो रसोई का बजट बिगड़ सकता है और अगर घटे तो आम जनता को राहत मिलेगी.
क्रेडिट कार्ड यूज़र्स के लिए भी नियमों में बदलाव
इसके साथ ही स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के क्रेडिट कार्ड यूज़र्स के लिए भी नियमों में बदलाव होने जा रहा है. अगर आपके पास SBI लाइफस्ट होम सेंटर कार्ड या इसका सिलेलेक्ट वर्जन है तो अब आपको डिजिटल गेमिंग और सरकारी पोर्टल पर पेमेंट करने पर रिवॉर्ड पॉइंट नहीं मिलेंगे. साथ ही बिल पेमेंट, फ्यूल खरीद और ऑनलाइन शॉपिंग पर चार्ज बढ़ सकता है. इतना ही नहीं अगर आपका ऑटो डेबिट फेल होता है तो 2% पेनल्टी लगेगी और इंटरनेशनल ट्रांजैक्शंस पर अतिरिक्त फीस भी चुकानी होगी. इसका मतलब यह है कि एसबीआई कार्ड का इस्तेमाल करने वालों को अब और सावधान रहना पड़ेगा क्योंकि इन बदलावों का असर सीधा उनकी जेब पर पड़ेगा. इसके अलावा प्रधानमंत्री जनधन योजना के खाताधारकों के लिए भी जरूरी खबर है. आरबीआई ने साफ किया है कि सभी खाताधारकों को 30 सितंबर तक अनिवार्य रूप से केवाईसी यानी नो योर कस्टमर की प्रक्रिया पूरी करनी होगी. इसके लिए सार्वजनिक बैंकों की ओर से पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं. जहां खाता धकों को अपना पर्सनल और एड्रेस डिटेल्स अपडेट कराना होगा. इससे खातों का रिकॉर्ड हमेशा अपडेट रहेगा और धोखाधड़ी की संभावना कम होगी.
इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने वालों के लिए भी सितंबर अहम
वहीं, इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने वालों के लिए भी सितंबर अहम है. असेसमेंट ईयर 2025-26 के लिए आईटीआर भरने की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2025 तय की गई है. जो लोग अब तक रिटर्न नहीं भर पाए हैं. उन्हें समय रहते यह काम पूरा करना चाहिए क्योंकि देर होने पर पेनल्टी और बाकी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है. फाइनेंस एक्सपर्ट्स की राय है कि आखिरी तारीख का इंतजार करने के बजाय जल्दी रिटर्न फाइल करना बेहतर रहेगा. सितंबर महीने में बैंकिंग सेवाओं पर भी बड़ा असर देखने को मिलेगा क्योंकि इस महीने कुल 15 दिन बैंक बंद रहेंगे. इसमें त्योहारों के कारण होने वाली छुट्टियों के साथ-साथ शनिवार और रविवार की छुट्टियां भी शामिल है.
जल्द निपटा लें बैंकों से जुड़े काम
ऐसे में अगर आपको बैंक से जुड़े कोई जरूरी काम निपटाने हैं तो उन्हें समय रहते पूरा कर लेना चाहिए. वरना आपको परेशानी झेलनी पड़ सकती है. तो कुल मिलाकर 1 सितंबर 2025 से जीएसटी चांदी की हॉलमार्किंग, एलपीजी सिलेंडर की कीमतों, एसबीआई कार्ड के नए नियम और इसके अलावा कई और बड़े बदलाव लागू होंगे. इन सभी का सीधा असर आपकी जेब और जिंदगी पर पड़ेगा. इसलिए समझदारी इसी में है कि इन बदलावों को पूरी जानकारी रखें और समय रहते जरूरी कदम उठाएं ताकि अनावश्यक आर्थिक दबाव से बचा जा सके.