RAC टिकट वाले यात्रियों को मिल सकती है राहत, मोदी सरकार कर रही तैयारी, यहां जानें कैसे

Railways Rules For RAC: संसदीय लोक लेखा समिति ने RAC टिकट पर पूरा किराया वसूलने को गलत बताया है और रेलवे से आंशिक रिफंड सिस्टम लागू करने की सिफारिश की है.

Railways Rules For RAC: संसदीय लोक लेखा समिति ने RAC टिकट पर पूरा किराया वसूलने को गलत बताया है और रेलवे से आंशिक रिफंड सिस्टम लागू करने की सिफारिश की है.

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Yashodhan Sharma
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Indian Railway

सांकेतिक तस्वीर Photograph: (File Photo)

Railways Rules For RAC: भारत में हर दिन करोड़ों लोग ट्रेन से सफर करते हैं. लंबी दूरी हो या छोटा सफर, रेलवे आज भी आम लोगों का सबसे भरोसेमंद और सस्ता साधन माना जाता है. लेकिन टिकट बुकिंग के दौरान कई यात्रियों को परेशानी तब होती है, जब उनका टिकट RAC यानी रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसिलेशन में रह जाता है.

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यात्री को सिर्फ मिलती है सफर की इजाजत

RAC टिकट का मतलब होता है कि यात्री को सफर की इजाजत तो मिलती है, लेकिन पूरी बर्थ नहीं मिलती. एक बर्थ पर दो यात्रियों को बैठकर या आधी-आधी जगह में सफर करना पड़ता है. इसके बावजूद रेलवे यात्रियों से पूरा किराया वसूलता है. इसी व्यवस्था पर अब सवाल उठने लगे हैं.

PAC ने सिस्टम को बताया यात्रियों के साथ अनुचित

संसदीय लोक लेखा समिति (PAC) ने इस सिस्टम को यात्रियों के साथ अनुचित बताया है. समिति का कहना है कि जब यात्री को पूरी सुविधा नहीं मिलती, तो उससे पूरा किराया लेना तर्कसंगत नहीं है. रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि चार्ट बनने के बाद भी जो यात्री RAC में रह जाते हैं, उनसे फुल टिकट चार्ज लेना गलत है.

यात्रियों के हित में नहीं है ये व्यवस्था- समिति

समिति ने माना कि यह व्यवस्था काफी पुरानी हो चुकी है और अब इसे बदलने की जरूरत है. RAC में दो यात्रियों को एक ही बर्थ शेयर करनी पड़ती है, यानी सुविधा आधी होती है, लेकिन भुगतान पूरा किया जाता है. यह यात्रियों के हित में नहीं है.

क्या कहते हैंं मौजूदा नियम

मौजूदा नियमों के अनुसार, RAC टिकट बुक करते समय यात्री से पूरा किराया लिया जाता है. बाद में टिकट कन्फर्म हो या न हो, किराए में कोई बदलाव नहीं होता. अगर चार्ट बनने के बाद भी टिकट RAC रहती है, तो यात्री को शेयर बर्थ पर ही यात्रा करनी पड़ती है.

रेल मंत्रालय को दिया सुझाव

इसी को देखते हुए समिति ने रेल मंत्रालय को सुझाव दिया है कि ऐसे मामलों में किराए का कुछ हिस्सा यात्रियों को वापस किया जाना चाहिए. जिन यात्रियों को कन्फर्म बर्थ नहीं मिलती, उन्हें आंशिक रिफंड देने का सिस्टम बनाया जाए.

रेलवे का अमल करना जरूरी

अगर रेलवे इन सुझावों पर अमल करता है, तो RAC टिकट वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिल सकती है. इसका मतलब यह होगा कि अगर टिकट कन्फर्म नहीं होती और RAC में रहती है, तो यात्रियों को पूरा किराया नहीं देना पड़ेगा. हालांकि, अगर टिकट कन्फर्म हो जाती है, तो रिफंड नहीं मिलेगा.

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