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लोकसभा चुनाव

इन स्कूली बच्चों की हुई चांदी, सरकार से मिलेंगे 900 रुपए, लाभार्थियों की फाइल हुई तैयार

Prime Minister Nutrition Scheme 2024: उत्तर प्रदेश के स्कूली बच्चों के लिए खुशखबरी है. क्योंकि चुनाव बाद बच्चों को पीएम पोषण योजना के 900 रुपए की आर्थिक मदद की जाएगी.

Updated on: 29 Apr 2024, 02:20 PM

highlights

  • क्लास के हिसाब से मिलेंगे पैसे, एमडीएम अधिकारियों को दिये गए निर्देश
  • चुनाव बाद बच्चों के खाते में आएगी धनराशि,  दिनों के हिसाब से मिलेगी धनराशि

नई दिल्ली :

Prime Minister Nutrition Scheme 2024:  अगर आप उत्तर प्रदेश राज्य में स्कूली छात्र हैं तो यह खबर आपके बहुत काम की है.  क्योंकि राज्य सरकार पीएम पोषण योजना के तहत स्कूली छात्रों की आर्थिक मदद करती है. चुनाव के चलते इस बार बच्चों की ग्रांट लेट हो गई है. बताया जा रहा है कि आचार संहिता के बाद पात्र छात्रों के खाते में पैसा ट्रांसफर कर दिया जाएगा.  बताया जा रहा है कि एमडीएम अधिकारियों ने पात्र बच्चों की लिस्ट बना ली है.  आपको बता दें कि 1 से 6 तक के बच्चों को 636 रुपए व क्लास 6th से 8th तक के बच्चों को 900 रुपए दिये जाने का प्रावधान है. 

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ये भी मिलती है सुविधा
वित्तीय वर्ष 2024-25 के अनुसार मार्च में सत्र शुरू हो गया है. सत्र की शुरुआत में ही ये पैसा बच्चों को दिया जाता है. लेकिन इस बार देश में आम चुनाव के चलते बच्चों के पैसा नहीं मिल पाया है. बताया जा रहा है कि जैसे ही चुनाव संपादित हो जाएंगे. उसके ठीक बाद बच्चों के खाते में धनराशि भेजी जाएगी. या संबंधित बच्चों को चैक द्वारा पैमेंट  किया जाएगा. जानकारी के मुताबिक प्राइमरी बच्चों को 122 दिन व जूनियर हाईस्कूल के बच्चों को 126 दिनों की धनराशि देने का प्रावधान किया गया है.  जून के अंतिम सप्ताह में बच्चों को इस धनराशि का लाभ मिल सकता है. आपको बता दें कि प्रधानंत्री न्यूट्रीशियन योजना को धरातल पर लाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है. साथ ही सख्ती से मानिटरिंग करने के लिए भी कहा है. 

बाल एवं पुष्टाआहार विभाग को जिम्मेदारी 
प्रधानमंत्री पोषण योजना का संचालन बाल एवं पुष्टाहार विभाग करता है.  साथ ही पूरा मामला जिलाधिकारी की निगरानी में रहता है. इसलिए योजना में किसी प्रकार के फर्जीवाडे की गुंजाइस कम रहती है.  यही नहीं योजना से जु़ड़े अधिकारी योजना के डवलपमेंट की रिपोर्ट भी संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों से लेते रहेंगे. यही नहीं अभिभावकों से संवाद कर खाद्य सुरक्षा भत्ता व राशन वितरण की पुष्टि करेंगे. यदि स्कीम के संचालन में कुछ भी गलत पाया जाता है तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी दिये गए हैं...