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अब दिल्ली से शिमला- चंडीगढ़ का सफर हुआ आसान, फर्राटा भरेंगी इलेक्ट्रिक बसें, इतना कम हुआ किराया

अब दिल्ली से चंडीगढ शिमला तक इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी. इसमें यात्रियों को किराए में भी काफी छूट मिलेगी. साथ ही सफर सुविधाजनक बनेगा.

Updated on: 19 Mar 2024, 05:47 PM

highlights

  • नितिन गडकरी ने की घोषणा,  अगले पांच सालों में देश के सभी शहरों में चलेगी इलेक्ट्रिक बसें 
  • दिल्‍ली से शिमला और चंडीगढ़, पुणे से मुंबई  चलाई जाएगी इलेक्ट्रिक बस
  • यात्रियों के किराये में भी होगी 30 प्रतिशत तक की कटौती

 

नई दिल्ली :

अब अगर आपको दिल्ली से शिमला या चंडीगढ़ जाना है तो आपके लिए खुशखबरी है. क्योंकि अब दिल्ली से चंडीगढ शिमला तक इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी. जिससे यात्रियों को किराए में भी काफी छूट देखने को मिलेगी. केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने आने वाले दिनों के लिए मेगा प्‍लान बताया है. उन्होने बताया कि दिल्ली से सभी पर्यटक स्थलों के लिए इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी. ताकि यात्रियों को किराए में छूट के साथ प्रदूषण मुक्त सफर मिल सके. यही नहीं परिवहन मंत्री ने ये भी बताया कि अगले पांच साल में देश के लगभग सभी शहरों में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा.जिसके बाद देश से प्रदूषण काफी हद तक समाप्त हो जाएगा. 

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किराया होगा सस्ता
परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के मुताबिक, इलेक्ट्रिक बसों के आने से पर्यटकों और यात्रियों को भी फायदा होगा. क्योंकि इलेक्ट्रिक बसों में सामान्य बसों की तुलना में 30 फीसदी तक किराया कम होगा.इसका सबसे बड़ा कारण ये है कि देश में बैटरी का निर्माण शुरू होने के बाद इसकी कीमतों में तेजी से गिरावट आ रही है. उन्होने बताया कि देश में लीथियन आधारित बैटरी का उत्‍पादन 3 गुना से भी ज्‍यादा बढ़ चुका है. जिससे इंडिया को काफी फायदा होने वाला है. क्योंकि इलेक्ट्रिक वाहन में सबसे ज्यादा कीमत बैटरी की ही होती है. लीथियम ऑयन बैटरी की कीमत 150 डॉलर प्रति किलोवॉट से गिरकर 120 डॉलर प्रति किलोवॉट तक आ चुकी है. 

इतना घटेगा माह का खर्च
यदि लीथियम की बैटरी की कीमतों में और कटौती होती है तो इलेक्ट्रिक वाहन मे आने वाला खर्च लगभग 10 फीसदी तक कम हो जाएगा. यदि आप पेट्रोल डीजल में प्रतिमाह 20 हजार रुपए खर्च कर रहे हैं तो इलेक्ट्रिक में सिर्फ 2 हजार रुपए ही खर्च कर पाएंगे.  बताया जा रहा है कि बहुत जल्द देश से पेट्रोल-डीजल की निर्भरता खत्म हो जाएगी. साथ ही देश को प्रदूषण मुक्त भी बनाया जाएगा.  इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के पीछे सरकार का यही उद्देश्य है.