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अब कर्मचारियों को 2 नहीं, 3 मिलेंगे weekly off, सरकार ने 4 नए लेबर कोड किये जारी

New labor code: अगर आप सरकारी या गैर सरकारी कर्मचारी हैं तो ये खबर आपके बहुत काम की है. क्योंकि सरकार ने हाल ही में चार नए लेबर कोड जारी किये हैं. जिनका इंप्लीमेंट होना अभी बाकी है.

News Nation Bureau | Edited By : Sunder Singh | Updated on: 23 Jun 2022, 05:06:20 PM
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सांकेतिक तस्वीर (Photo Credit: News Nation)

highlights

  • काम करने के घंटों में भी हो सकता है इजाफा 
  • नए लेबर कोड में कार्यस्थल का माहौल से लेकर स्वास्थ्य और सुरक्षा पर रहेगा विशेष ध्यान 
  • सप्ताह में छुट्टियों को लेकर भी आएगा बदलाव 

नई दिल्ली :  

New labor code: अगर आप सरकारी या गैर सरकारी कर्मचारी हैं तो ये खबर आपके बहुत काम की है. क्योंकि सरकार ने हाल ही में चार नए लेबर कोड जारी किये हैं. जिनका इंप्लीमेंट होना अभी बाकी है. जानकारी के मुताबिक 4 नए लेबर कोड (4 new labor codes) में कर्मचारी को दो के स्थान पर तीन वीकली छुट्टी (weekly off) देने पर सहमति बनी है. वहीं काम करने के घंटे अब 8 के स्थान पर 12 हो सकते हैं. यही नहीं नए लेबर कोड में पीएफ कॉन्ट्रिब्यूशन (PF Contribution) से लेकर कार्यस्थल का माहौल, लेबर वेलफेयर, स्वास्थ्य और सुरक्षा पर खास ध्यान दिया गया है. न्यू वेज कोड जैसे ही सभी संस्थान अमल में लाएंगे तो कर्मचारियों के काम करने के तरीकों में बहुत बदलाव आएंगे.

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काम के घंटो में बदलाव 
आपको बता दें कि नए लेबर कानून के तहत वीकली ऑफ की संख्या में बड़ा बदलाव हो सकता है. नए लेबर कोड के लागू होने के बाद वीकली ऑफ की संख्या दो से बढ़ाकर तीन करने की सरकार कंपनियों को इजाजत दे सकती है. हालांकि सप्ताह के दौरान कर्मचारियों के काम के कुल घंटों में कोई भी बदलाव किए नहीं जाएंगे, जिसके कारण एक दिन में काम के घंटों की संख्या 8 से बढ़कर 12 घंटें हो सकती है. हालाकि इस पर राज्य सरकार का विवेक भी काम करेगा कि वह अपने यहां क्या-क्या इंपलीमेंट्स कराएगी. जानकारी के मुताबिक केन्द्र सरकार ने न्यू लेबर कोड जारी करने के बाद राज्य सरकारों को अमल में लाने के लिए कहा है.

वर्क फॅार्म होम को प्राथमिकता 
जानकारी के मुताबिक टेक होम सैलरी और कर्मचारियों और नियोक्ता के पीएफ कंट्रीब्यूशन के अनुपात में भी बड़ा बदलाव हो सकता है. नए कोड के प्रावधान के अनुसार कर्मचारी का बेसिक सैलरी ग्रॉस सैलरी का 50 प्रतिशत होना चाहिए। इसका मतलब यह होगा कि कर्मचारी और नियोक्ता के पीएफ योगदान में वृद्धि होगी, कुछ कर्मचारियों के लिए टेक होम सैलरी कम हो जाएगा, खासकर निजी फर्मों में काम करने वालों के लिए. नए ड्राफ्ट नियमों के प्रावधानों के तहत रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली रकम के साथ-साथ ग्रेच्युटी की रकम में भी इजाफा होने की संभावनाएं हैं. वहीं अगले वर्ष के लिए छुट्टी को आगे ले जाने और छुट्टियों के नकदीकरण की नीति को भी युक्तिसंगत बनाया जा रहा है. सरकार वर्क फ्रॉम होम स्ट्रक्चर को भी मान्यता दे रही है, जो कि कोविड-19 के दौरान सर्विस इंडस्ट्री में काफी प्रचलित हो गया था.

First Published : 23 Jun 2022, 05:06:20 PM

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