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अब किसी ऐप की नहीं पड़ेगी जरूरत, मोबाइल पर आने वाली हर अनजान कॉल को मिलेगी पहचान 

दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने देशभर की टेलीकॉम कंपनियों को दिया निर्देश, अनजान नंबरों से आपकी निजी जानकारियों के जाने का खतरा बना रहता है. 

Updated on: 02 May 2024, 08:18 PM

नई दिल्ली:

अब आपको हर नंबर अपने मोबाइल पर सेव करने की आवश्यता नहीं है. अब किसी अनजान नंबर से कॉल आने पर आपको उसका नाम सामने दिखाई देने वाला है. कई बार अनजान कॉल की वजह से आपको परेशानी का सामना करना पड़ता है. मगर अब दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने देशभर की टेलीकॉम कंपनियों को कॉलिंग नेम को जारी करने का निर्देश दिया है. इसके बाद से अगर कोई अनजान शख्स आपके फोन पर कॉल करेगा तो उसका नाम आपके स्क्रीन पर दिखाई देगा.  अभी तक मोबाइल यूजर्स थर्ड पार्टी की मदद से या​नी ऐप्स की सहायता से इस तरह की सुविधा प्राप्त कर पाते थे.

यूजर्स से कई पर्सनल जानकारी मांगता था

अब तक ट्रू कॉलर का उपयोग होता था. थर्ड पार्टी ऐप्स अपनी सुविधाएं देने को लेकर यूजर्स से कई पर्सनल जानकारी मांगता था. इस्टॉल होने से आपको ये जानकारी देने की जरूरत होती है. इसमें कॉन्टैक्ट डिटेल, फोन गैलरी, कैमरा और ​कॉल हिस्ट्री जानकारी होती है. इस ऐप को इस्टॉल करने के दौरान अगर आप इजाजत नहीं देते है तो यह ऐप काम नहीं करता है. इस तरह से आपकी पर्सनल डिटेल लीक होने का खतरा रहता है.  

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ट्रायल शुरू

देशभर में ट्राई ने दूरसंचार कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन फीचर को शामिल किया जाए. इसके बाद देश में मोबाइल सेवा प्रदान करने वाली कंपनियों ने इसका ट्रायल आरंभ कर दिया है. ट्राई के अनुसार, अगर ये ट्रायल सफल हो जाता है तो कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन फीचर जल्द पूरे देश में लागू हो जाएगा. इसके बाद अनजान नंबर के बारे में जानकारी को लेकर किसी थर्ड पार्टी ऐप की आवश्यकता नहीं होगी. 

इस राज्य में ट्रायल शुरू

ट्राई ने कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन फीचर को सबसे पहले हरियाणा में लाने का मन बनाया है. यह छोटा सर्कल है. इस माह से फीचर को राज्य में शुरू कर दिया जाएगा. अगर राज्य में ये सफल होता है तो इसे पूरे देश में लाने की कोशिश होगी.