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सावधान! ये अंडे बना रहे लोगों को नपुंसक, रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

fake eggs: सर्दी का मौसम (winter season) आते ही अंडे की डिमांड (demand for eggs) बढ़ जाती है. चिकित्सकों के मुताबिक वैसे तो अंडा सेहत के लिए फायदेमंद होता है.

News Nation Bureau | Edited By : Sunder Singh | Updated on: 17 Jan 2022, 05:42:52 PM
fake eaggs

सांकेतिक तस्वीर (Photo Credit: NEWS NATION)

highlights

  • सर्दियों में बढ़ जाती है अंडों की डिमांड, लोग ऑनलाइन अंडे मंगाकर कर रहे सेवन 
  • बाजार में पहुंच चुकी है नकली अंडों की खेप
  • मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ये अंडे हैं मानव बॅाडी के लिए बेहद घातक 

नई दिल्ली :  

fake eggs: सर्दी का मौसम (winter season) आते ही अंडे की डिमांड (demand for eggs) बढ़ जाती है. चिकित्सकों के मुताबिक वैसे तो अंडा सेहत के लिए फायदेमंद होता है. आमतौर पर लोग ब्वायल, ऑमलेट या फिर दूध के साथ भी इसका सेवन करते हैं, कहा जाता है कि अंडें में सेहत के कई राज छिपे हैं. सर्दी में अंडों की ऑनलाइन बिक्री (online sale of eggs)भी खूब हो रही है, जिसके चलते वास्तविक अंडों की बाजार में कमी हो चुकी है. इसलिए आपको जानकर हैरानी होगी कि बाजार में नकली अंडों  (fake eggs)की खेप भी आ चुकी है.  एक्सपर्ट के मुताबिक नकली अंडा मनुष्य बॅाडी के लिए बेहद खतरनाक है (very dangerous for human body).एक रिसर्च के मुताबिक नकली अंडों का लगातार सेवन करने से मनुष्य में नपुंशकता (Impotence) पैदा हो जाती है.

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 कैसे बनता है नकली अंडा 
विषेशज्ञ डॉ. निकेतन बताते हैं कि नकली अंडे के बाहरी हिस्से को बनाने के लिए जिप्सम चूर्ण, कैल्शियम कार्बोनेट और तेल युक्त मोम का इस्तेमाल होता है. कैल्शियम की मात्रा उतनी ही होती है कि जितना एक मनुष्य खा सकता है. इसके अंदर वाला हिस्सा जिलोटिन, सोडियम एल्गिनाइट और कैल्सियम की मदद से बनाया जाता है. इसका रंग बिल्कुल अंडे की तरह होता है, इसलिए इसकी पहचान कर पाना मुश्किल है.

क्या है बनाने की विधि ? 
रिपोर्ट के मुताबिक गरम गुनगुने उचित पानी में सोडियम एल्गिनाइट मिलाया जाता है. इसके बाद जिलोटिन बेंजाइक अम्ल एल्यूम और कुछ दूसरे रसायनों के साथ मिलाकर अंडे का सफेद वाला भाग तैयार किया जाता है. इसे बाद मिश्रण में कैल्सियम क्लोराइड डालकर उसे अंडे के आकार में ढाल दिया जाता है. कृत्रिम अंडा केवल रासायनिक पदार्थों से तैयार किया जाता है.

कैसे करें पहचान ?
कृत्रिम अंडे का बाहरी छिलका हल्के भूरे कलर और खुरदरा होता है. जबकि असली अंडा चिकना होता है. उबालने के बाद कैल्शियम कार्बोनेट का आवरण तोड़ने पर कृत्रिम अंडे का भीतरी हिस्सा असली की तुलना में बेहद कठोर और रबर की तरह खिंचता है. पीला भाग थोड़ी उंचाई से छोड़ने पर गेंद की तरह उछलता है. यह धारदार वस्तु से ही काटा जा सकता है. चीनी व नकली अंडे के भीतर से भी असली की तरह ही पदार्थ निकलता है.

पांच लाख का जुर्माना 
विभागीय अधिकारी बताते हैं कि यदि कोई इस धंधे में संलिप्त पाया गया तो पांच लाख का जुर्माना सहित जेल का प्रावधान है. वहीं डॉक्टर इस अंडे में घातक रसायन होने की बात कहकर सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक मान रहे हैं. बताया जा रहा है कि यदि इन नकली अंडों का सेवन कोई एक माह तक लगातार कर ले, तो वह बच्चा पैदा करने की शक्ति खो सकता है, यही नहीं इन अंडों को खाने से लोग पैरालाइज भी हो रहे हैं.

First Published : 17 Jan 2022, 05:42:52 PM

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