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File Photo (Freepik)
Railway News: इंडियन रेलवे दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है. हर दिन लोग इससे करोड़ों रुपये का सफर करते हैं. दुनिया के चौथे सबसे बड़े रेलवे नेटवर्क में ट्रैवल करने का एक्सपीरिएंस अधिकांश लोगों का अच्छा ही रहता है लेकिन जैसे पांचों उंगलियां एक बराबर नहीं होती वैसे ही एक्सपीरियंस भी हर बार एक जैसा नहीं होता है, हालात कभी-कभी बिगड़ भी जाते हैं. कई बार टीटीई का व्यवहार भी ठीक नहीं लगता है.
टीटीई की ऊंची आवाज, बेवजह डराना या फिर गलत तरीके से पेश आना…देखकर और सुनकर चुप नहीं होना है. जिस तरह कंफर्म टिकट वालों का सीट अधिकार है, ठीक वैसे ही सम्मान पाना भी आपका अधिकार है. टीटीई अगर आपके साथ बदसलूकी करते हैं तो आपके पास शिकायत का अधिकार है. आइये जानते हैं क्या है शिकायत करने का नियम…
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टीटीई अगर बदतमीजी करें तो तुरंत करें यह काम
अगर टीटीई का बर्ताव आपको अच्छा नहीं लगता है तो सबसे पहले खुद को शांत रखें. बहस बढ़ाने से स्थिति और उलझ सकती है. तुरंत उसका नाम, बैज नंबर, ट्रेन और डिटेल नोट कर लें. समय और स्टेशन की जानकारी भी लिख लें. क्योंकि यही आपकी शिकायत को मजबूत बनाएगी. ट्रेन में मौजूद गार्ड से संपर्क करें और अपनी बात उसे बताएं. कई ट्रेनों में शिकायत रजिस्टर होता है, जिसमें आप लिखित शिकायत कर सकते हैं. अगर मामला अधिक सीरियस हो तो अगले स्टेशन पर मौजूद आरपीएफ और जीआरपी से भी कॉन्टैक्ट किया जा सकता है. अगर आप सही जानकारी देते हैं तो आपका केस मजबूत हो सकता है.
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हेल्पलाइन नंबर पर करें शिकायत
रेलवे ने यात्रियों की शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है. आप 139 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके अपनी शिकायत कर सकते हैं. ये नंबर 24 घंटे एक्टिव रहता है. आपकी शिकायत सीधे संबंधित अधिकारियों तक पहुंचती है. आप रेलवे मदद पोर्टल और ऐप के जरिए भी शिकायत कर सकते हैं. आप यहां डिटेल भरकर फोटो और वीडियो भी अपलोड कर सकते हैं. डिजिटल शिकायत का फायदा ये है कि आपको एक ट्रैकिंग नंबर मिलता है, जिससे आप अपनी शिकायत का स्टेटस चेक कर सकते हैं.
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शिकायत के बाद क्या होता है?
शिकायत दर्ज होने के बाद रेलवे प्रशासन जांच प्रोसेस शुरू कर देता है. अगर आपके आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित टीटीई के खिलाफ विभागीय कार्रवाई हो सकती है. नियम साफ कहते हैं कि यात्रियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार जरूरी है, जिस वजह से शिकायत करते वक्त फैक्ट्स क्लीयर रखें और झूठी जानकारी देने से बचें. आपकी जानकारी जितनी सटीक होगी, उतनी जल्दी आपकी जांच आगे बढ़ेगी. आवश्यकता पड़ने पर आप अपनी शिकायत ऊपर तक कर सकते हैं.
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