अब सिर्फ चालान नहीं, ड्राइविंग लाइसेंस होगा जब्त! देश में जल्द लागू होने वाला है ये नया सिस्टम

Traffic Rules Violation: भारत में जल्द लागू होगा ग्रेड-आधारित ड्राइविंग लाइसेंस सिस्टम. ट्रैफिक नियम तोड़ने पर कटेंगे पॉइंट्स, लाइसेंस हो सकता है. सस्पेंड या रद्द, ये है पूरी जानकारी.

Traffic Rules Violation: भारत में जल्द लागू होगा ग्रेड-आधारित ड्राइविंग लाइसेंस सिस्टम. ट्रैफिक नियम तोड़ने पर कटेंगे पॉइंट्स, लाइसेंस हो सकता है. सस्पेंड या रद्द, ये है पूरी जानकारी.

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Yashodhan Sharma
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सांकेतिक तस्वीर

Traffic Rules Violation: अगर आप गाड़ी चलाते समय ट्रैफिक नियमों को नजरअंदाज करते हैं, तो अब सावधान हो जाइए. केंद्र सरकार सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस सिस्टम में बड़ा बदलाव करने जा रही है. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ऐलान किया है कि देश में जल्द ही ‘ग्रेड-आधारित ड्राइविंग लाइसेंस सिस्टम’ लागू किया जाएगा.

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नियम तोड़ने पर लाइसेंस से काटे जाएंगे पॉइंट्स

इस नए सिस्टम के तहत ड्राइविंग लाइसेंस को एक तरह से ‘रिपोर्ट कार्ड’ की तरह देखा जाएगा. अभी तक ट्रैफिक नियम तोड़ने पर ज्यादातर मामलों में जुर्माना भरकर मामला खत्म हो जाता था. लेकिन अब नियम तोड़ने पर आपके लाइसेंस से पॉइंट्स काटे जाएंगे. हर ड्राइवर को एक तय संख्या में पॉइंट्स दिए जाएंगे. जैसे-जैसे वह नियम तोड़ेगा, उसके पॉइंट कम होते जाएंगे.

6 महीने के लिए सस्पेंड हो सकता है लाइसेंस

अगर किसी चालक के पॉइंट तय सीमा से नीचे चले जाते हैं, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस 6 महीने के लिए सस्पेंड किया जा सकता है. यानी उस अवधि में वह कानूनी रूप से गाड़ी नहीं चला सकेगा. इतना ही नहीं, अगर कोई व्यक्ति बार-बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करता है और लगातार गलतियां करता है, तो उसका लाइसेंस हमेशा के लिए भी रद्द किया जा सकता है.

इसलिए लाया जा रहा ये बदलाव

सरकार का मानना है कि केवल जुर्माना लगाने से लोग पूरी तरह नहीं सुधरते. इसलिए अब लाइसेंस पर सीधा असर डालने वाला सिस्टम लाया जा रहा है, ताकि लोग जिम्मेदारी से गाड़ी चलाएं. इस नए नियम का मकसद सड़क हादसों को कम करना और ट्रैफिक अनुशासन को बेहतर बनाना है.

इन गलतियों को करने से बचना है

किन-किन गलतियों पर कार्रवाई होगी? इसमें ओवरस्पीडिंग, गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल, रॉन्ग साइड ड्राइविंग और शराब पीकर वाहन चलाना जैसी गंभीर लापरवाही शामिल होंगी. यानी छोटी गलती समझकर की गई लापरवाही भी अब भारी पड़ सकती है. सरकार की यह पहल देश में सड़क सुरक्षा को नई दिशा देने की कोशिश मानी जा रही है. आने वाले समय में ड्राइविंग लाइसेंस सिर्फ एक दस्तावेज नहीं, बल्कि जिम्मेदार ड्राइवर होने का प्रमाण बन जाएगा.

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