गधा पालने का करें बिजनेस, सरकार दे रही 50 लाख रुपये तक की सब्सिडी; ऐसे करें अप्लाई

अब गधा पालन भी कमाई का अच्छा जरिया बनता जा रहा है. राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत सरकार इस व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए 50 लाख रुपये तक की सब्सिडी दे रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ सकता है.

अब गधा पालन भी कमाई का अच्छा जरिया बनता जा रहा है. राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत सरकार इस व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए 50 लाख रुपये तक की सब्सिडी दे रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ सकता है.

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Deepak Kumar
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देश में आजकल कई लोग पारंपरिक नौकरी के बजाय अपना खुद का कारोबार शुरू करने की ओर बढ़ रहे हैं. नई तकनीक, इंटरनेट और सरकार की विभिन्न योजनाओं की वजह से छोटे स्तर पर भी बिजनेस शुरू करना अब पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है. खेती और पशुपालन से जुड़े कई ऐसे विकल्प सामने आए हैं, जिनसे लोग अच्छी कमाई कर सकते हैं. इन्हीं में से एक है गधा पालन, जिसे अब एक नए और लाभदायक बिजनेस के रूप में देखा जा रहा है.

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राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत गधा पालन को बढ़ावा

भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन हमेशा से एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है. हालांकि समय के साथ मशीनों और आधुनिक उपकरणों के बढ़ते उपयोग के कारण गधे, घोड़े और ऊंट जैसे पशुओं की संख्या में तेजी से गिरावट आई है. इस समस्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत एक खास योजना शुरू की है. इस योजना का उद्देश्य इन पशुओं का संरक्षण करना और उनके व्यावसायिक पालन को बढ़ावा देना है.

50 लाख रुपये तक की सब्सिडी देगी सरकार

सरकार की ओर से इस योजना के तहत गधा पालन शुरू करने वालों को बड़ी आर्थिक सहायता दी जाती है. अगर कोई व्यक्ति, समूह या संस्था गधा पालन का प्रोजेक्ट शुरू करना चाहती है तो उसे परियोजना लागत का लगभग 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है. इस सब्सिडी की अधिकतम सीमा 50 लाख रुपये तक रखी गई है. यानी अगर किसी प्रोजेक्ट की लागत लगभग 1 करोड़ रुपये है, तो उसका आधा हिस्सा सरकार की ओर से दिया जा सकता है.

भारत में गधों की संख्या

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत में गधों की संख्या तेजी से घट रही है. वर्ष 2019 की पशुधन जनगणना के अनुसार देश में केवल लगभग 1.23 लाख गधे ही बचे हैं, जो 2012 की तुलना में करीब 60 प्रतिशत कम हैं. इसी गिरावट को रोकने और इन पशुओं के संरक्षण के साथ-साथ रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए सरकार ने यह योजना शुरू की है.

किन लोगों को मिल सकता है योजना का लाभ?

इस योजना का लाभ व्यक्तिगत किसान, स्वयं सहायता समूह (SHG), किसान उत्पादक संगठन (FPO), संयुक्त दायित्व समूह और निजी कंपनियां भी ले सकती हैं. वहीं राज्य सरकारों को गधों के प्रजनन केंद्र या ब्रीडिंग फार्म स्थापित करने के लिए 10 करोड़ रुपये तक की सहायता दी जा सकती है.

कैसे करें ऑनलाइन आवेदन? 

योजना का लाभ लेने के लिए प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है. इच्छुक उद्यमी राष्ट्रीय पशुधन मिशन की आधिकारिक वेबसाइट पर https://nlm.udyamimitra.in/ जाकर आवेदन कर सकते हैं. प्रक्रिया के तहत पहले बैंक से लोन लेना होता है, जिसके बाद सरकार सब्सिडी की राशि जारी करती है.

गधा पालन शुरू करने के लिए जरूरी नियम

योजना के तहत कुछ नियम भी तय किए गए हैं. एक यूनिट स्थापित करने के लिए कम से कम 50 मादा और 5 नर गधों का होना जरूरी है. इसके अलावा यह योजना मुख्य रूप से देशी नस्ल के गधों के लिए लागू होती है. इस योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी दो किस्तों में दी जाती है. पहली किश्त बैंक से लोन स्वीकृत होने के बाद मिलती है, जबकि दूसरी किश्त प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद दी जाती है.

क्यों शुरू की गई ये योजना?

इस योजना के जरिए सरकार न केवल गधों की घटती संख्या को रोकना चाहती है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करना चाहती है. अगर सही तरीके से योजना का लाभ उठाया जाए तो गधा पालन किसानों और युवाओं के लिए एक लाभदायक व्यवसाय साबित हो सकता है.

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