हवाई यात्रियों की आई मौज, टिकट के पैसों को लेकर DGCA ने एयरलाइंस को दिए अहम निर्देश

डीजीसीए (Directorate General of Civil Aviation) ने एयरलाइंस की रिफंड नीतियों में व्यापक बदलाव करते हुए सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट (CAR) सेक्शन 3, सीरीज़ M, पार्ट 1 में संशोधन किया है.

डीजीसीए (Directorate General of Civil Aviation) ने एयरलाइंस की रिफंड नीतियों में व्यापक बदलाव करते हुए सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट (CAR) सेक्शन 3, सीरीज़ M, पार्ट 1 में संशोधन किया है.

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Dheeraj Sharma
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DGCA direct to Airlines

आप भी विमान से यात्रा करते हैं और टिकट को लेकर काफी परेशान रहते हैं. महंगी टिकट बुक करने के बाद आप किसी वजह से यात्रा नहीं कर पाते हैं और अपनी टिकट कैंसिल करवाते हैं लेकिन इसका रिफंड आपको काफी देर से मिलता है तो आपके लिए ये खबर बहुत काम की है. जी हां अब विमान यात्रियों के हितों की रक्षा को लेकर डीजीसीए ने एक बड़ा कदम उठाया है. डीजीसीए की ने एयरलाइंस को निर्देश दिए हैं कि कैंसिल टिकटों का तुरंत पैसा यात्रियों को लौटाया जाए. इसमें किसी भी तरह की देरी नहीं होना चाहिए. 

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डीजीसीए (Directorate General of Civil Aviation) ने एयरलाइंस की रिफंड नीतियों में व्यापक बदलाव करते हुए सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट (CAR) सेक्शन 3, सीरीज़ M, पार्ट 1 में संशोधन किया है. ये नए नियम 26 मार्च 2026 से लागू होंगे और सभी घरेलू तथा भारत आने-जाने वाली विदेशी एयरलाइंस पर प्रभावी रहेंगे. नियामक का स्पष्ट संदेश है रद्द टिकट का पैसा समय पर और पारदर्शी तरीके से लौटाया जाए, मनमानी पर रोक लगे.

रिफंड की समयसीमा तय

नए प्रावधानों के तहत यदि टिकट क्रेडिट कार्ड से खरीदा गया है तो रद्दीकरण के सात दिनों के भीतर उसी कार्ड खाते में रिफंड करना अनिवार्य होगा. एयरलाइन किसी भी परिस्थिति में इस अवधि से अधिक देरी नहीं कर सकेगी. नकद भुगतान वाले टिकट का रिफंड उसी कार्यालय से तुरंत देना होगा, जहां से टिकट खरीदा गया था.

यदि बुकिंग ट्रैवल एजेंट या ऑनलाइन पोर्टल के जरिए की गई है, तब भी अंतिम जिम्मेदारी एयरलाइन की होगी. पूरी रिफंड प्रक्रिया अधिकतम 14 कार्यदिवस में पूरी करनी होगी.

टैक्स और शुल्क वापसी अनिवार्य

अब टिकट कैंसिल, उपयोग न होने या ‘नो शो’ की स्थिति में भी वैधानिक टैक्स, UDF, ADF और PSF यात्रियों को लौटाना अनिवार्य होगा, चाहे बेस फेयर नॉन-रिफंडेबल क्यों न हो.

इसके अलावा, बुकिंग के 48 घंटे के भीतर बिना अतिरिक्त शुल्क टिकट रद्द या संशोधित किया जा सकेगा. यह सुविधा घरेलू उड़ान के लिए तभी लागू होगी जब यात्रा तिथि कम से कम 7 दिन दूर हो, और अंतरराष्ट्रीय उड़ान के लिए 15 दिन का अंतर हो.

क्रेडिट शेल पर सख्ती

एयरलाइन अब रिफंड राशि को डिफॉल्ट रूप से क्रेडिट शेल में नहीं डाल सकेगी. इसके लिए यात्री की स्पष्ट सहमति आवश्यक होगी. टिकट पर या अलग फॉर्म में रिफंड का पूरा ब्रेकअप देना अनिवार्य किया गया है. वेबसाइट पर रिफंड नीति स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी होगी.

साथ ही, कैंसिलेशन शुल्क बेस फेयर और फ्यूल सरचार्ज से अधिक नहीं होगा. ट्रैवल एजेंट द्वारा वसूले जाने वाले शुल्क की जानकारी भी बुकिंग के समय स्पष्ट करनी होगी. रिफंड प्रक्रिया के नाम पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाया जा सकेगा.

नाम सुधार और विशेष परिस्थितियां

यदि टिकट सीधे एयरलाइन की वेबसाइट से बुक किया गया है और 24 घंटे के भीतर नाम में त्रुटि बताई जाती है, तो बिना अतिरिक्त शुल्क सुधार करना होगा. यात्रा अवधि के दौरान यात्री या उसी PNR में दर्ज परिवार सदस्य के अस्पताल में भर्ती होने पर एयरलाइन रिफंड या क्रेडिट शेल देने का विकल्प दे सकती है. अन्य मामलों में ‘फिटनेस टू ट्रैवल’ प्रमाणपत्र के आधार पर निर्णय होगा.

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