टॉयलेट में मोबाइल इस्तेमाल करने की आदत बिगाड़ देगी सेहत, शरीर बन जाएगा बीमारियों का घर

टॉयलेट में मोबाइल इस्तेमाल करने की आदत बिगाड़ देगी सेहत, शरीर बन जाएगा बीमारियों का घर

टॉयलेट में मोबाइल इस्तेमाल करने की आदत बिगाड़ देगी सेहत, शरीर बन जाएगा बीमारियों का घर

author-image
IANS
New Update
टॉयलेट में फोन का इस्तेमाल करने की आदत बिगाड़ देगी सेहत, शरीर बन जाएगा बीमारियों का घर

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

नई दिल्ली, 22 जनवरी (आईएएनएस)। हाई टेक्नोलॉजी की दुनिया में लोगों के लिए मोबाइल से 5 मिनट भी दूर रह पाना मुश्किल है। रील देखने और सोशल मीडिया चलाने की लत इतनी ज्यादा लग चुकी है कि लोग टॉयलेट में भी मोबाइल को अपने साथ लेकर जाते हैं और जरूरत से ज्यादा समय वही बिता देते हैं।

Advertisment

लेकिन, क्या आप जानते हैं कि टॉयलेट में मोबाइल का इस्तेमाल आपकी सेहत को बुरी तरीके से प्रभावित करता है?

टॉयलेट में मोबाइल का इस्तेमाल करने की बढ़ती आदत पर कई शोध हो चुके हैं, जिसमें ये साफ पाया गया है कि ऐसा करने वाले लोगों में पाचन की परेशानी और पाइल्स की समस्या ज्यादा देखी गई है।

टॉयलेट सीट पर समय से अधिक समय तक बैठे रहने से रेक्टम पर प्रभाव पड़ता है, जिसकी वजह से पाइल्स होने की संभावना बाकी लोगों की तुलना में ज्यादा बढ़ जाती है। इसके अलावा, पेट पर पड़ने वाले दबाव की वजह से पाचन शक्ति पर असर पड़ता है और इससे कब्ज की समस्या बढ़ सकती है।

टॉयलेट में मोबाइल का इस्तेमाल करने की आदत से मांसपेशियों और हड्डियों पर भी असहनीय दबाव पड़ता है। मोबाइल को लगातार देखने के लिए गर्दन और कंधों पर बोझ बढ़ता है और मांसपेशियों में दर्द और जकड़न बढ़ जाती है। इससे रीढ़ की हड्डी भी प्रभावित होती है। अगर किसी को पहले से ही स्पाइनल कॉर्ड से जुड़ी परेशानी है, तो उन्हें ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए।

मोबाइल चलाने की खराब आदत की वजह से सर्वाइकल का रिस्क होने का खतरा रहता है। टॉयलेट में लंबे समय तक एक ही पोस्चर में बैठने की वजह से सिर और गर्दन के ऊपरी हिस्से पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ता है। कभी-कभी इससे तेज सिरदर्द और गर्दन में दर्द की परेशानी भी हो सकती है।

इसके अलावा, मोबाइल को टॉयलेट में ले जाने से उसके ऊपर खतरनाक बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं। जितनी बार मोबाइल को पकड़ा जाएगा, उतनी बार ही हाथ धोना जरूरी होगा। इसलिए टॉयलेट में मोबाइल के इस्तेमाल से परहेज करें।

टॉयलेट में मोबाइल का इस्तेमाल करने की वजह से पेट पूरी तरह साफ भी नहीं होता है और मानसिक तनाव भी बढ़ता है। शरीर जब विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है, तब मस्तिष्क का इस क्रिया में बड़ा योगदान होता है। मस्तिष्क के सिग्नल के बाद ही शरीर के बाकी अंग अपने काम करते हैं। ऐसे में जब मस्तिष्क मोबाइल चलाने में व्यस्त होगा, तो विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने की प्रक्रिया पूरी तरीके से नहीं हो पाती है और फिर पेट में बची गंदगी शरीर को धीरे-धीरे बीमार करने लगती है।

--आईएएनएस

पीएस/एबीएम

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Advertisment