News Nation Logo

SSKM अस्पताल की खिड़की से नजरबंद शोभन चटर्जी की प्रेस मीट

शोभन चटर्जी ने आरोप लगाया कि एसएसकेएम अस्पताल में उनकी कोई विशेष चिकित्सा नहीं हो रही है.

News Nation Bureau | Edited By : Ritika Shree | Updated on: 22 May 2021, 11:20:15 PM
Narada scandal

Narada scandal (Photo Credit: न्यूज नेशन)

highlights

  • शोभन चटर्जी, मदन मित्रा और सुब्रत मुखर्जी एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती हैं
  • शोभन चटर्जी ने एसएसकेएम अस्पताल के वुडबर्न वार्ड की खिड़की से प्रेस मीट किया
  • चटर्जी ने दावा कि उन्हें रणनीति के तहत अस्पताल में अटकाकर रखा गया है

कोलकाता:

नारद स्टिंग कांड मामले में हाई कोर्ट ने अगले आदेश तक अभियुक्त चार नोताओं शोभन चटर्जी, फिरहाद हकीम, मदन मित्रा और सुब्रत मुखर्जी को हाउस अरेस्ट (नजरबंद) किया है. इस वक्त केवल फिरहाद हकीम ही हाउस अरेस्ट हैं. वहीं शोभन चटर्जी, मदन मित्रा और सुब्रत मुखर्जी एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती हैं. इसी बीच शनिवार को शोभन चटर्जी ने एसएसकेएम अस्पताल के वुडबर्न वार्ड की खिड़की से प्रेस मीट किया. उन्होंने दावा किया कि वह पूरी तरह स्वस्थ हैं फिर भी अस्पताल उन्हें छुट्टी नहीं दे रहा है. चटर्जी ने दावा कि उन्हें रणनीति के तहत अस्पताल में अटकाकर रखा गया है. मेरा इलाज हो गया है. शोभन चटर्जी ने कहा कि मैं अपील करता हूं कि मुझे प्रेसिडेंसी जेल ले जाया जाए. वहां से मैं नियम के मुताबिक हाउस अरेस्ट के लिए जाउंगा. शोभन चटर्जी ने आरोप लगाया कि एसएसकेएम अस्पताल में उनकी कोई विशेष चिकित्सा नहीं हो रही है. ऐसे में उन्होंने व्यक्तिगत जोखिम बांड पर घर वापस जाने का आवेदन किया था. शोभन ने अपने वकील के माध्यम से एक ही दिन में अस्पताल और जेल अधिकारियों को कुल पांच पत्र भेजे. शोभन चटर्जी की मित्र बैशाखी बंद्योपाध्याय ने कहा वह शोभन को घर ले जाकर इलाज कराना चाहती हैं. इसके तुरंत बाद ‘हाउस अरेस्ट’ शोवन चटर्जी ने वुडबर्न के बरामदे से प्रेस कॉन्फ्रेंस की.

यह भी पढ़ेः TMC MLA सोवनदेब चटर्जी ने दिया इस्तीफा, CM ममता बनर्जी लड़ेंगी उप-चुनाव

बता दे कि नारद मामले में कलकत्ता उच्च न्यायालय एक नाटकीय घटनाक्रम के तहत तृणमूल कांग्रेस के चार नेताओं फरहाद हाकिम, मदन मित्रा, सुब्रत मुखर्जी और सोवन चटर्जी को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बजाय इन्हें 'हाउस अरेस्ट' करने का आदेश दिया गया. दरअसल मामले की सुनवाई के लिए एक नई पीठ का गठन की गई थी, जिस वजह से यह आदेश दिया गया. हाई कोर्ट में जमानत याचिका पर फैसला नहीं हो पाने के कारण अभी सभी को नजरबंद ही रहना होगा.

LIVE TV NN

NS

NS

First Published : 22 May 2021, 11:20:15 PM

For all the Latest States News, West Bengal News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.