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NTPC की तपोवन सुरंग में बचाव कार्य बंद, जल स्तर बढ़ा

चमोली में नंदादेवी ग्लेशियर टूटने और बादल फटने की वजह से कई इलाकों में तबाही आ गई है. तबाही में कई लोगों के बहने की खबरें आ रही हैं. इसके अलावा इस तबाही में भारी आर्थिक नुकसान की भी आशंका जताई जा रही है.

News Nation Bureau | Edited By : Sunil Chaurasia | Updated on: 07 Feb 2021, 11:50:14 PM
NTPC says Tapovan project partly damaged

NTPC का दावा: जलप्रलय से तपोवन प्रोजेक्ट को आंशिक रूप से नुकसान (Photo Credit: न्यूज नेशन)

highlights

  • उत्तराखंड में फिर आई तबाही
  • चमोली में ग्लेशियर टूटा
  • कई लोगों के बहने की आशंका

देहरादून:

उत्तराखंड के चमोली से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है. चमोली में नंदादेवी ग्लेशियर टूटने और बादल फटने की वजह से कई इलाकों में तबाही आ गई है. तबाही में कई लोगों के बहने की खबरें आ रही हैं. इसके अलावा इस तबाही में भारी आर्थिक नुकसान की भी आशंका जताई जा रही है. जोशीमठ से आगे ग्लेशियर टूटने की घटना पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत लगातार आपदा प्रबंधन और चमोली के जिलाधिकारी से जानकारी प्राप्त कर रहे हैं. लोगों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी निर्देश दिए जा रहे हैं.

ग्लेशियर टूटने की घटना के बाद प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट

चमोली में ग्लेशियर टूटने की घटना के बाद प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है. अलकनंदा नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सचेत कर दिया गया है. लोगों से अपील की गई है कि वे नदियों से दूरी बनाकर रखें. ग्लेशियर टूटने के बाद सभी संबंधित जिलों को भी अलर्ट कर दिया गया है. चमोली जिला प्रशासन, एसडीआरएफ के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंच गए हैं. प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि वे गंगा नदी के किनारे न जाएं.

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने चमोली जिले की त्रासदी पर अपनी संवेदना व्यक्त की

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने चमोली जिले की त्रासदी पर अपनी संवेदना व्यक्त की. दरअसल, रावत किसानों के समर्थन में गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे हुए थे. इस दौरान उन्होंने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि, उत्तराखंड में जो हुआ मुझे उसका दुख है, मृतकों, घायलों के परिवारों को मैं अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं.
रविवार सुबह ऋषिगंगा और धौलीगंगा का विकराल रूप देखने को मिला. इस त्रासदी में कई लोग अभी भी लापता हैं. वहीं, बड़ी संख्या में लोगों की मरने की खबर आ रही है.

ऋषिगंगा ग्लेशियर के टूटने से आई बाढ़ ने रास्ते में आने वाली सभी चीजों को तहस नहस कर दिया. हालांकि बचाव कार्य जारी है. मृतकों के परिजनों और घायलों को सरकार की तरफ से मुआवजा घोषित किया गया है.

बिहार में भी अलर्ट जारी

चमोली जिले के जोशीमठ में एक ग्लेशियर के फटने से आई बाढ़ के बाद उत्तराखंड हाई अलर्ट पर है, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को कहा कि राज्य के अधिकारी स्थिति पर करीब से नजर बनाए हुए हैं और लगातार अपने उत्तराखंड के समकक्षों से अपडेट मांग रहे हैं.

विशेष उपकरणों के साथ वैज्ञानिकों को भी ले जाया जाएगा. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि परिचालन का समर्थन करने के लिए अधिकतम आधार उपलब्ध हों: भारतीय वायु सेना के पीआरओ विंग कमांडर इंद्रनील नंदी

उत्तराखंड के चमोली जिले में रविवार को ऋषिगंगा ग्लेशियर के टूटने से आई बाढ़ की चपेट में आने से राज्य की प्रमुख बिजली एनटीपीसी की एक निर्माणाधीन जल विद्युत परियोजना का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है. कंपनी ने कहा है कि वह जिला प्रशासन और पुलिस के साथ लगातार स्थिति की निगरानी कर रही है.

चमोली की नीति घाटी में आये एवलांच के बाद लगातार सर्च एन्ड रेस्क्यू कार्य जारी है.  एसएसबी ग्वालदम की टीम ने करणप्रयाग क्षेत्र से दो शव बरामद किए हैं टीम देर रात में भी लगातार सर्च एंड रेस्क्यू का काम कर रही है. एसएसबी टीम लीडर ने बताया की मछली पकड़ने वाले लोगों से लेकर नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को लगातार सतर्क किया जा रहा है.

चमोली आपदा राहत कार्य के लिए IAF का C130J सुपर हरक्यूलिस विमान देहरादून के जॉली ग्रांट हवाई अड्डे पर उपकरणों के साथ पहुंचा. 


मौसम विभाग ने एक बयान में कहा है कि 7 और 8 फरवरी को उत्तराखंड में शुष्क मौसम की संभावना है. हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण 9 फरवरी से 10 फरवरी की शाम को उत्तराखंड के उत्तरी भाग में हल्की बारिश या बर्फबारी की संभावना है.

मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने रविवार को कहा कि उत्तराखंड के चमोली जिले के तपोवन और जोशीमठ में अगले दो दिनों में कोई प्रतिकूल मौसम की उम्मीद नहीं है, जहां अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. जोशीमठ क्षेत्र में धौलीगंगा नदी के जल स्तर में रविवार की सुबह अचानक भारी बाढ़ के कारण चमोली के रेनी गांव में एक बिजली परियोजना के पास हिमस्खलन हुआ.

IAF_MCC का ALH हेलीकॉप्टर आपदा ग्रस्त Chamoli के आसमान में निगरानी और हालात पर नजर बनाये हुये.

उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा- राज्य सरकार मृतकों के प्रत्येक को 4 लाख रुपये की वित्तीय सहायता देगी.

उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि भारतीय सेना मौके पर पहुंच गई है, एनडीआरएफ की एक टीम जो देहरादून पहुंची है, वह चमोली का मार्ग है. डॉक्टरों ने वहां डेरा डाल दिया है. उपकरणों के साथ 60 एसडीआरएफ कर्मियों की एक टीम मौके पर पहुंची है. 

उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि विशेषज्ञ ग्लेशियर के प्रकोप के पीछे का कारण बता सकते हैं, लेकिन हमारी सरकार अभी लोगों के जीवन को बचाने पर केंद्रित है.

ITBP ने चमोली के पास सुरंग में फंसे 16 लोगों को बचाया.


सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जोशीमठ में तबाही का जायाजा लिया. उसके बाद सीएम ने कहा कि दो प्रोजेक्ट पूरी तरह से तबाह हो गए है. वहीं, 4 लोगों का शव बरामद हुआ है. सीएम रावत ने कहा कि अभी भी 100 लोगों लापता हैं. 

उत्तराखंड में तपोवन बांध के पास एक निर्माणाधीन सुरंग थी जहाँ लगभग 20 मजदूर फंसे हुए हैं. घटनास्थल पर तैनात ITBP की टीम बचाव अभियान चला रही है. हम लापता लोगों की जानकारी जुटाने के लिए एनटीपीसी के प्रबंधन दल के संपर्क में हैं: एसएस देसवाल, महानिदेशक, आईटीबीपी

उत्तराखंड में एक ग्लेशियर के टूटने से भीषण त्रासदी वहाँ घटित हुई है . इस घटना के प्रति और पीड़ित नागरिकों के प्रति हमारी संवेदना है . अलखनंदा गंगा जी की सहायक नदी है इसलिए बाढ़ का ख़तरा गंगा में भी सम्भावित है . उत्तराखंड के सीएम खुद नज़र रखे हुए है .गृह मंत्री और पीएम नेNDRF  और उचित दिशा निर्देश जारी किए है . गंगा यूपी की भूमि से होकर गुजरती है . हमलोगो ने पूरी सतर्कता बरती है . जल शक्ति विभाग और गृह बिभग नज़र रखे है . गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है.बिजनोर बैराज पर भी नज़र है . लेकिन पानी नीचे आने में अभी समय लगेगा. 25 जनपद जहाँ से गंगा होकर गुजरती है . वहाँ हमने ज़्यादा अलर्ट किया हैं. उत्तराखंड सरकार को जो भी आवश्यकता पड़ेगी हम उनकी पूरी सहयोग करेंगे . यूपी की SDRF टीम भी तैयार है.

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने कहा कि जोशीमठ, उत्तराखंड के पास ग्लेशियर के फटने की चिंता से इस क्षेत्र में विनाश हुआ. लोगों की भलाई और सुरक्षा के लिए प्रार्थना करना. विश्वास है कि जमीन पर बचाव और राहत अभियान अच्छी तरह से आगे बढ़ रहे हैं. 


बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि हम उत्तराखंड के चमोली में फ्लैश फ्लड पर जानकारी एकत्र कर रहे हैं. हमारे अधिकारी वहां के अधिकारियों के संपर्क में हैं.

उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत चमोली के तपोवन क्षेत्र के रेनी गांव के पास पहुंचे, स्थिति का जायजा लेता है.



उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि तपोवन बांध में फंसे 16 लोगों को पुलिस ने सुरक्षित स्थानों पर भेजा है.

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जोशीमठ के तपोवन इलाके में सेना और आईटीबीपी के जवानों से ग्लेशियर टूटने से हुए नुकसान की जानकारी ली.

उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर टूटने से बनी परिस्थितियों को लेकर प्रशासन सजग है. मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत खुद राहत और बचाव कार्य देख रहे हैं: बीजेपी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा

चमोली के तपोवन इलाके में एनटीपीसी साइट से तीन शव बरामद हुए: आईटीबीपी

उत्तराखंड के मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने बताया कि हताहतों की संख्या 100 से 150 के बीच होने की आशंका है. आईटीबीपी, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें पहले ही घटनास्थल पर पहुंच चुकी हैं. रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है.  

NDRF रवाना हो चुकी है. ITBP के जवान वहां पहुंच चुके हैं. हमारी SDRF की टीम भी वहां पहुंच चुकी हैं. सारे जगह रेड अलर्ट हो चुका है. 100-150 के बीच जनहानि हो सकती है: उत्तराखंड के मुख्य सचिव

NDRF की 3 टीमें वहां पहुंच गई हैं, बाकी टीमें दिल्ली से रवाना होने के लिए तैयार हैं. मेरी मुख्यमंत्री से बात हुई वो रास्ते में हैं. वायुसेना को बचाव कार्य में लगाने की पूरी तैयार कर ली है. हादसे के लिए जितनी मदद की जरूरत है वो मदद केंद्र सरकार उत्तराखंड सरकार को देगी: गृह मंत्री अमित शाह

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि उत्तराखंड में आज सुबह 11 बजे जोशीमठ के आसपास एक बहुत बड़ी दुर्घटना हुई. ग्लेशियर टूटने से पानी का बहाव बहुत बड़ा है, पहले ऋषिगंगा और बाद में अलकनंदा में जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया है. कुछ लोगों के हताहत होने की प्राथमिक सूचना मिली है.

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह बेहद चौंकाने वाली त्रासदी है. यह एक प्राकृतिक आपदा है. गृह मंत्री ने उत्तराखंड सरकार को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंगा नदी के किनारे स्थित सभी जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं.

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा, ''ग्लेशियर फटने से वहां बन रहे बांध को नुकसान पहुंचा है. मानवक्षति के बारे में अभी अधिकृति तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता है. पानी की तीव्रता चमोली तक आते-आते काफी कम हो गई है.''

पीएम मोदी ने कहा, ''मैं उत्तराखंड की दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा हूं. भारत उत्तराखंड के साथ खड़ा है और राष्ट्र सभी की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करता है. वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार बात कर रहा हूं और एनडीआरएफ की तैनाती, बचाव और राहत कार्यों पर अपडेट ले रहा हूं.''

ITBP को सुबह 10 बजे के पास सूचना मिली थी कि ऋषि गंगा के ऊपर अचानक पानी का बहाव बढ़ गया और जोरों की आवाज आई. वहां कुछ मजदूर काम कर रहे थे. हम स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर कार्रवाई कर रहे हैं. हमने 200 से ज़्यादा जवानों को तैनात किया है. स्थिति नियंत्रण में है: ITBP प्रवक्ता

मोली और जोशीमठ के आसपास ग्लेशियर फटने से बांध पर असर हुआ है. ग्लेशियर ऋषिगंगा पर आकर गिरा है, बीआरओ द्वारा जो ब्रिज बनाया जा रहा था उस पर भी असर हुआ है. SDRF और ITBP पहले से जोशीमठ में है. हम NDRF की 3-4 टीमों को रवाना कर रहे हैं: एस.एन.प्रधान, NDRF DG

असम में मौजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड की स्थिति का जायजा लिया है. उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और अन्य आला अधिकारियों से बातचीत कर परिस्थितियों की जानकारी ले रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने बचाव और राहत कार्य का भी जायजा लिया है. अधिकारी प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए काम कर रहे हैं.


उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि राहत की खबर है कि नंदप्रयाग से आगे अलकनंदा नदी का बहाव सामान्य हो गया है. नदी का जलस्तर सामान्य से अब 1 मीटर ऊपर है लेकिन बहाव कम होता जा रहा है. राज्य के मुख्य सचिव, आपदा सचिव, पुलिस अधिकारी एवं मेरी समस्त टीम आपदा कंट्रोल रूम में स्थिति पर लगातार नज़र रख रही है.

टिहरी डैम से पानी का आउटफ्लो पूरी तरह से रोक दिया गया है.

NDRF की कुछ और टीमें दिल्ली से Airlift करके उत्तराखंड भेजी जा रही हैं. हम वहां की स्थिति को निरंतर मॉनिटर कर रहे हैं: DG NDRF एस एन प्रधान

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उत्तराखंड में आई त्रासदी पर चिंता जताई है. उन्होंने चमोली के सांसद तीरथ सिंह रावत को फोन कर हालात की जानकारी ली है. बिरला ने राहत कार्य में हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिया है. लोकसभा अध्यक्ष ने रावत से स्वयं राहत कार्यों की मॉनिटरिंग करने के लिए कहा है.

रुद्रप्रयाग तक पहुंचा पानी, बहाव में आई मामूल कमी.

उत्तराखंड त्रासदी में 100 से 150 लोगों के मारे जाने की आशंका.

भारत के गृह मंत्री अमित शाह ने ट्विटर पर लिखा, ''उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा की सूचना के सम्बंध में मैंने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, DG ITBP और DG NDRF से बात की है. सभी सम्बंधित अधिकारी लोगों को सुरक्षित करने में युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं. NDRF की टीमें बचाव कार्य के लिए निकल गयी हैं. देवभूमि को हर सम्भव मदद दी जाएगी.

उत्तराखंड के हालातों को लेकर गृह मंत्रालय लगातार संपर्क में है.

गृहमंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से बात कर हालात के बारे में जानकारी ली है.

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत जोशीमठ के लिए रवाना. मुख्यमंत्री के साथ आयुक्त गढ़वाल रविनाथ रमन और डीआईजी गढ़वाल नीरू गर्ग भी मौजूद हैं.

उत्तराखंड के गृह मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि आईटीबीपी की दो टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं. देहरादून से एनडीआरएफ की 3 टीमों को भेजा गया है. इनके अलावा 3 अन्य टीमें हेलिकॉप्टर की मदद से शाम तक पहुंच जाएंगी. एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन पहले से ही मौके पर मौजूद है.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तराखंड को हरसंभव मदद पहुंचाने के निर्देश दिए हैं.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के संबंधित विभागों और अफसरों को हाई अलर्ट पर रख दिया है. योगी ने अधिकारियों को परिस्थितियों पर नजर रखने के आदेश दिए हैं. उत्तराखंड में आई तबाही को देखते हुए उत्तर प्रदेश में भी SDRF को अलर्ट कर दिया गया है.

गंगा नदी के तट पर मौजूद सभी जिलों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं. नदियों के जल स्तर की चौबीसों घंटों निगरानी के भी आदेश दिए गए हैं. एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी फ्लड कंपनी को उच्चतम अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं.

ताजा जानकारी के मुताबिक अभी तक 55 से भी ज्यादा लोगों के लापता होने की खबर है, इसके अलावा कई घरों के भी बहने की खबरें आ रही हैं. भागीरथी नदी के बहाव को रोक दिया गया है. अलकनंदा के पानी के प्रवाह को रोकने के लिए श्रीनगर बांध और ऋषिकेश बांध को खाली कर दिया गया है.

ऋषिगंगा प्रोजेक्ट को भारी नुकसान पहुंचा है. प्रभावित इलाकों में SDRF की कई टीमें पहुंच चुकी हैं. राहत और बचाव कार्य शुरू हो गया है. ग्लेशियर टूटने की वजह से धौलीगंगा नदी में भारी बाढ़ आ गई है. बांध टूटने की वजह से नदियों के किनारे बसे गांवों को खाली कराया जा रहा है. ITBP के 200 से भी ज्यादा जवानों को राहत और बचाव कार्य में लगा दिया गया है.

ग्लेशियर टूटने के बाद सभी संबंधित जिलों को भी अलर्ट कर दिया गया है. चमोली जिला प्रशासन, एसडीआरएफ के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंच गए हैं. प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि वे गंगा नदी के किनारे न जाएं.

चमोली में ग्लेशियर टूटने की घटना के बाद प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है. अलकनंदा नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सचेत कर दिया गया है. लोगों से अपील की गई है कि वे नदियों से दूरी बनाकर रखें.

जोशीमठ से आगे ग्लेशियर टूटने की घटना पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत लगातार आपदा प्रबंधन और चमोली के जिलाधिकारी से जानकारी प्राप्त कर रहे हैं. लोगों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी निर्देश दिए जा रहे हैं.

चमोली में नंदादेवी ग्लेशियर टूटने और बादल फटने की वजह से कई इलाकों में तबाही आ गई है. तबाही में कई लोगों के बहने की खबरें आ रही हैं. इसके अलावा इस तबाही में भारी आर्थिक नुकसान की भी आशंका जताई जा रही है.

First Published : 07 Feb 2021, 01:04:52 PM

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