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Uttarakhand CM Pushkar Singh Dhami Photograph: (Social Media)
Ankita Bhandari Case: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी के माता-पिता की भावनाओं और उनके अनुरोध का सम्मान करते हुए इस संवेदनशील प्रकरण की सीबीआई जांच कराए जाने की संस्तुति प्रदान की है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का उद्देश्य शुरू से ही निष्पक्ष, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से न्याय सुनिश्चित करना रहा है और आगे भी यही प्राथमिकता रहेगी. सरकार किसी भी स्तर पर पीड़ित परिवार की न्याय की उम्मीद को कमजोर नहीं होने देगी.
घटना के तुरंत बाद कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंकिता भंडारी के साथ हुई यह घटना न केवल दुखद बल्कि पूरे समाज को झकझोर देने वाली थी. जैसे ही इस मामले की जानकारी राज्य सरकार को मिली, बिना किसी देरी के तत्काल कदम उठाए गए. प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एक महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया, ताकि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और प्रभावी ढंग से हो सके.
#WATCH | 2022 Ankita Bhandari murder case | Uttarakhand CM Pushkar Singh Dhami says, "...We thought that her parents are the most affected and we should certainly hear them. I spoke with them, and they said that there should be a CBI investigation. Honouring this, we are… pic.twitter.com/pJ8xhX7Bme
— ANI (@ANI) January 9, 2026
अभियुक्तों की त्वरित गिरफ्तारी
सरकार की ओर से की गई त्वरित कार्रवाई के तहत इस मामले से जुड़े सभी अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार कर लिया गया. मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने न्यायालय में मजबूत और प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की, जिसका परिणाम यह रहा कि जांच और ट्रायल की पूरी अवधि में किसी भी अभियुक्त को जमानत नहीं मिल सकी। यह सरकार की गंभीरता और संवेदनशीलता को दर्शाता है.
चार्जशीट से सजा तक
SIT द्वारा गहन और विस्तृत विवेचना के बाद अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई. निचली अदालत में मामले की सुनवाई पूरी होने के उपरांत दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई. मुख्यमंत्री ने इसे कानून के तहत न्याय की दिशा में एक अहम कदम बताया.
'अंकिता हमारी भी बेटी थी'
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भावुक शब्दों में कहा कि अंकिता केवल एक पीड़िता नहीं थी, बल्कि वह राज्य की बेटी और सरकार के लिए भी एक बहन समान थी. उन्होंने दो टूक कहा कि सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है और किसी भी तथ्य या साक्ष्य की अनदेखी नहीं की जाएगी. सीबीआई जांच की संस्तुति इसी प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि पीड़ित परिवार को पूर्ण न्याय मिले और समाज में न्याय के प्रति भरोसा मजबूत हो.
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