यूपी के एडेड स्कूलों का कायाकल्प कराएगी योगी सरकार, बच्चों की संख्या के आधार पर मिलेगी मदद

UP News: उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त स्कूलों की जर्जर हो चुकी इमारतों के कायाकल्प के लिए योगी सरकार अभियान शुरू कर दिया है. अब योगी सरकार राज्य के 40 साल से अधिक पुराने एडेड स्कूलों के जर्जर भवनों का पुनर्निमाण कराएगी.

UP News: उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त स्कूलों की जर्जर हो चुकी इमारतों के कायाकल्प के लिए योगी सरकार अभियान शुरू कर दिया है. अब योगी सरकार राज्य के 40 साल से अधिक पुराने एडेड स्कूलों के जर्जर भवनों का पुनर्निमाण कराएगी.

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Suhel Khan
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UP School Renovation

यूपी के एडेड स्कूलों का कायाकल्प कराएगी योगी सरकार Photograph: (X@@myogiadityanath/Social Media)

UP News: योगी सरकार अब राज्य के एडेड स्कूलों का कायाकल्प करने जा रही है. दरअसल, स्कूलों की जर्जर हो चुकी बिल्डिंग को संवारने के लिए योगी सरकार ने पहल शुरू की है. जिसके लिए स्कूलों में बच्चों की संख्या के हिसाब से अशासकीय सहायता प्राप्त यानी एडेड माध्यमिक स्कूलों की वित्तीय मदद की जाएगी. जिसके तहत योगी सरकार एडेड स्कूलों को 25 लाख रुपये से लेकर 1.25 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगी.

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40 वर्ष पुराने स्कूलों की बदलेगी तस्वीर

बता दें कि राज्य सरकार अब तक सिर्फ उन्हीं स्कूलों को वित्तीस सहायता प्रदान कर रही थी जो 75 वर्ष या उससे अधिक पुराने हैं. लेकिन योगी सरकार अब राज्य के ऐसे स्कूलों की इमारतों को मरम्मत के लिए भी पैसा देगी जिनका निर्माण 14 अक्तूबर 1986 तक हुआ है. यानी अब 40 वर्ष पुराने जर्जर विद्यालयों को भी वित्तीय मदद दी जाएगी. जिससे स्कूलों की जर्जर इमारतों को ठीक कराया जा सके.

नियमों में किया गया बदलाव

बता दें कि उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा विभाग ने प्रोजेक्ट अलंकार के तहत नियमों में बदलाव किया गया है. राज्य में करीब 4500 एडेड माध्यमिक स्कूल हैं जिनमें से अधिकांश की इमारतें जर्जर हो चुकी हैं. अभी तक सरकार सिर्फ 75 साल पुराने विद्यालयों के जर्जर भवन के स्थान पर नवनिर्माण कर रही थी. लेकिन अब 40 साल या उससे पुराने स्कूल भवनों का भी पुनर्निमाण किया जाएगा.

25 फीसदी प्रबंधतंत्र को देना होगा पैसा

जिसके लिए कुल रकम का 75 प्रतिशत राज्य सरकार देगी, जबकि 25 फीसदी प्रबंधतंत्र को देना होता है. एडेड स्कूलों को ये वित्तीय मदद वहां पढ़ने वाले छात्रों की संख्या के आधार पर तय की जाएगी. जिन स्कूलों में छात्रों की संख्या 300 से लेकर 500 तक होगी ऐसे स्कूलों को 25 लाख तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी. जबकि 2001 से अधिक छात्रों वाले स्कूलों को 1.25 करोड़  रुपये तक दिया जाएगा.

पांच सदस्यीय कमेटी करेगी जांच

इसके साथ ही इन स्कूलों में मरम्मत कार्य के लिए प्रबंधतंत्र को 25 फीसदी पैसा खर्च करना होगा. ये पैसा स्कूल सांसद और विधायक निधि और कंपनियों से सीएसआर के तहत ले सकेंगे. इसके लिए सभी जिलों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी बनाई जाएगी, जिसमें मुख्य विकास अधिकारी, अधिशाषी अभियंता प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग और वित्त एवं लेखाधिकारी माध्यमिक शिक्षा सदस्य शामिल होंगे.

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