इंदौर त्रासदी के बाद अलर्ट पर योगी सरकार, घर-घर जाकर पानी के सैंपल लेंगे अधिकारी, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

इंदौर में जल त्रासदी के बाद यूपी की योगी सरकार भी अलर्ट मोड में है. दरअसल, राज्य के शहरी इलाकों में स्वच्छ जल की आपूर्ति करने के लिए योगी सरकार ने घर-घर जाकर अधिकारियों के पानी के सैंपल लेने के आदेश दिए हैं.

इंदौर में जल त्रासदी के बाद यूपी की योगी सरकार भी अलर्ट मोड में है. दरअसल, राज्य के शहरी इलाकों में स्वच्छ जल की आपूर्ति करने के लिए योगी सरकार ने घर-घर जाकर अधिकारियों के पानी के सैंपल लेने के आदेश दिए हैं.

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Suhel Khan
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CM Yogi on Water Supply

इंदौर त्रासदी के बाद योगी सरकार सख्त Photograph: (X@myogiadityanath/Social Media)

मध्य प्रदेश के इंदौर में जहरीला पानी पीने से हुई मौतों के बाद योगी सरकार अलर्ट मोड में आ गई है. सीएम योगी के निर्देश पर राज्य के शहरी क्षेत्रों में साफ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने युद्ध स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है. योगी सरकार ने साफ किया है कि पाइपलाइन में लीकेज या सीवर के पानी की मिलावट किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

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स्वच्छ जल की सप्लाई के लिए क्या कर रही योगी सरकार?

यूपी के सभी शहरी इलाकों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य के प्रमुख सचिव नगर विकास पी. गुरुप्रसाद ने नगरीय निकाय निदेशक, नगर आयुक्तों और जल निगम के प्रबंध निदेशक को सख्त आदेश जारी किए हैं. जिसमें उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिया है कि सभी शहरी क्षेत्रों में सीवर और पेयजल पाइपलाइन की गहन जांच की जाए. उन्होंने अपने आदेश में कहा है कि कहीं भी टूट-फूट या रिसाव मिलने पर उसे तत्काल प्रभाव से ठीक किया जाए, जिससे इंदौर जैसी घटना दोबारा ना हो पाए.

नल के पॉइंट से नमूने लेंगे कर्मचारी

इसके साथ ही सरकार ने साफ किया है कि साफ पानी की सप्लाई सिर्फ टंकियों की सफाई तक सीमित नहीं होगी बल्कि कर्मचारी सीधे उपभोक्ताओं के घर पहुंचने वाले पानी की शुद्धता जांचने भी करेंगे. यानी अधिकारी खुद उपभोक्ताओं के घर जाकर नल के 'उपयोग पॉइंट' से पानी के नमूने लेंगे. इन नमूनों की गहन जांच के लिए विशेष दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं.

ऐसे की जाएगी पानी की जांच

राज्य में पानी की जांच के लिए कई स्तर पर निरीक्षण होगा. पानी में क्लोरीन की मात्रा की जांच के लिए ओटी टेस्ट किया जाएगा. इसके अलावा पानी में पनपने वाले घातक बैक्टीरिया की जांच के लिए  बैक्टीरियोलॉजिकल टेस्ट होगा. जबकि वायरस और हानिकारक रसायनों की जांच के लिए वायरोलॉजिकल और रसायनिक विश्लेषण किया जाएगा. 

पुरानी पाइपलाइनों को बदलने पर जोर

राज्य के प्रमुख सचिव ने आदेश दिया है कि जिन क्षेत्रों में पाइपलाइनें पुरानी हो चुकी हैं. वहां प्रदूषण का अधिक खतरा है. ऐसी पाइपलाइनों को प्राथमिकता के आधार पर बदला जाएगा. इसके अलावा नलकूपों, हैंडपंपों और पानी की टंकियों की नियमित सफाई के साथ उनका रखरखाव भी सुनिश्चित किया जाएगा. जिससे जल आपूर्ति में किसी प्रकार की दिक्कत ना आए.

लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई

इसके साथ ही योगी सरकार ने संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भेजने का भी अल्टीमेटम दिया है. प्रमुख सचिव ने साफ कहा है कि जनता के स्वास्थ्य से जुड़ी इस व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अगर लापरवाही मिलती है तो उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.

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