/newsnation/media/media_files/2025/05/26/lX6YXUN6wdYKJ9BYCHJ2.jpg)
योगी आदित्यनाथ Photograph: (Social Media)
उत्तर प्रदेश की ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ (ODOP) योजना अब केवल एक राज्य स्तरीय पहल नहीं रह गई है, बल्कि यह देशभर में आर्थिक विकास का प्रभावी मॉडल बन चुकी है. वर्ष 2018 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से शुरू की गई इस योजना ने पारंपरिक कारीगरों को नई पहचान दी और प्रदेश को वैश्विक निर्यात मानचित्र पर मजबूत स्थान दिलाया. कई अन्य राज्य यूपी के इस प्रयोग को अपनाकर अपने-अपने संसाधनों के आधार पर विकास की रणनीति तैयार कर रहे हैं.
निर्यात में ऐतिहासिक बढ़त, नए कीर्तिमान स्थापित
ODOP की सबसे बड़ी उपलब्धि निर्यात के क्षेत्र में देखने को मिली है. वर्ष 2017 में जहां उत्तर प्रदेश का कुल निर्यात करीब 88 हजार करोड़ रुपये था, वहीं 2024 तक यह आंकड़ा बढ़कर 1.86 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया. इसमें अकेले ODOP उत्पादों का योगदान लगभग 93 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है. कन्नौज का इत्र, मुरादाबाद का पीतल, भदोही की कालीन और फिरोजाबाद का कांच अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान बना चुके हैं.
हर जनपद बना विकास का केंद्र
ODOP योजना ने प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है. अब उद्योग केवल महानगरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि छोटे कस्बों और ग्रामीण जिलों में भी रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं. इससे युवाओं का बड़े शहरों की ओर पलायन कम हुआ है. सरकार की ओर से आधुनिक टूलकिट और स्किल ट्रेनिंग उपलब्ध कराए जाने से कारीगरों की उत्पादकता और आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. अब तक 1.25 लाख से अधिक कारीगरों को टूलकिट्स वितरित की जा चुकी हैं.
वित्तीय और संस्थागत सहयोग से मिली मजबूती
ODOP को स्थायी सफलता दिलाने के लिए योगी सरकार ने मजबूत वित्तीय ढांचा भी तैयार किया. मार्जिन मनी योजना के तहत MSME सेक्टर में करीब 6,000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई. UP इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 में ODOP पवेलियन ने 20.77 करोड़ रुपये की कारोबारी डील हासिल कर अपनी क्षमता साबित की. वहीं प्रयागराज महाकुंभ 2025 में 6,000 वर्ग मीटर में लगी प्रदर्शनी के जरिए 44 GI टैग उत्पादों को वैश्विक मंच मिला.
‘वोकल फॉर लोकल’ से ‘लोकल टू ग्लोबल’ तक
ODOP मॉडल ने यह सिद्ध कर दिया है कि स्थानीय उत्पादों को तकनीक, प्रशिक्षण और बाजार से जोड़कर आत्मनिर्भरता हासिल की जा सकती है. इस योजना ने न सिर्फ निर्यात बढ़ाया, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा किए. आज ODOP उत्तर प्रदेश की पहचान भर नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए ‘लोकल से ग्लोबल’ विकास की प्रेरक मिसाल बन चुका है.
यह भी पढ़ें - UP News: यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र बनेगा औद्योगिक पावरहाउस, हजारों करोड़ का निवेश और रोजगार के नए मौके
/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)
Follow Us