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बर्ड फ्लू के बढ़ते खतरे को लेकर योगी सरकार ने जारी की ये एडवाइजरी

बर्ड फ्लू (bird flu) के बढ़ते खतरे को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार (Yogi government) के कृषि उत्पादन आयुक्त ने एडवाइजरी जारी की है. सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि संक्रमित राज्यों से पोल्ट्री उत्पाद उत्तर प्रदेश की सीमा में न आ पाए.

By : Deepak Pandey | Updated on: 09 Jan 2021, 06:38:18 PM
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बर्ड फ्लू के बढ़ते खतरे को लेकर योगी सरकार ने जारी की ये एडवाइजरी (Photo Credit: फाइल फोटो)

लखनऊ:

बर्ड फ्लू (bird flu) के बढ़ते खतरे को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार (Yogi government) के कृषि उत्पादन आयुक्त ने एडवाइजरी जारी की है. सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि संक्रमित राज्यों से पोल्ट्री उत्पाद उत्तर प्रदेश की सीमा में न आ पाए. अगर ऐसा हो तो इसे तत्काल रोकते हुए संबंधित को अवगत कराया जाए. मुर्गी और अन्य पक्षियों तथा अंडों का परिवहन खुले वाहनों से ना किया जाए, जिससे परिवहन के दौरान इनकी बीट इत्यादि बाहर निकले.

कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि कुकुट उत्पाद विक्रय वाले बाजारों को हफ्ते में एक दिन बंद रखा जाए और बाजारों को साफ सुथरा भी रखा जाए. कुक्कुट उत्पाद विक्रय और फुटकर तथा थोक बाजारों की सूची बनाई जाए जो भारत सरकार को उपलब्ध कराई गई कुकुट व्यवसायियों की एडवाइजरी के अनुसार, साफ-सफाई की व्यवस्था हेतु आवश्यक निर्देश दिए जाएं.

उन्होंने आगे कहा कि बर्ड सेंचुरी, वाटर बॉडीज, ऐसे पार्क जहां प्रवासी पक्षी जंगली पक्षियों का आवागमन हो उनकी सूची बनाई जाए, संक्रमण फैलने से रोकने के लिए आवश्यक बायोसिक्योरिटी के उपाय किए जाएं. रैपिड रिस्पांस टीम को सक्रिय कर प्रतिदिन निरीक्षण कराया जाए और निदेशालय पशुपालन विभाग को शाम 5 बजे तक रिपोर्ट भेजी जाए. जिले स्तर पर भी कंट्रोल रूम की स्थापना की जाए जहां सामान्य लोग भी संपर्क करते हुए अस्वाभाविक मृत्यु की सूचना पक्षियों के बारे में दे सकें.

योगी सरकार के निर्देश के मुताबिक, बर्ड फ्लू से निपटने के लिए जिलाधिकारी यह भी सुनिश्चित करें कि उनके पास पर्याप्त मात्रा में पीपीई किट और फेस मास्क उपलब्ध हैं साथ ही दवाइयां भी उपलब्ध हों. जलाशयों के किनारे आने वाले प्रवासी पक्षियों और कुक्कुट फार्म में सख्त निगरानी के निर्देश दिए हैं. सीरो सर्विलांस कार्य को प्रभावी तरीके से जारी रखा जाए, पक्षियों की अस्वाभाविक मृत्यु पर तत्काल मुख्यालय को सूचित किया जाए. मृत पक्षी को परीक्षण हेतु नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिसीसिस भोपाल भेजा जाए. 

उन्होंने कहा कि सिरम सैंपल नेजल स्वाब ट्रैकुअल  स्वाब सैंपल बरेली की रीजनल डिजीज डायग्नोस्टिक लैब में भेजा जाए, सतत निगरानी करते हुए अधिक से अधिक सैंपल परीक्षण हेतु भेजे. सभी जनपदों में वाटर बॉडीज के आसपास और पोल्ट्री फार्म के ऊपर सतर्क दृष्टि रखी जाए और पोल्ट्री फार्म का निरंतर निरीक्षण कराया जाए. पोल्ट्री फॉर्म मालिकों को साफ सफाई के साथ पर्याप्त बायो सिक्योरिटी सुनिश्चित कराई जाए.

First Published : 09 Jan 2021, 06:38:18 PM

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