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CM Yogi Photograph: (CM Yogi)
आवास एवं शहरी नियोजन विभाग की वर्षों से लंबित आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों के आवंटन मामलों का जल्द समाधान होने वाला है. विभाग एक बार फिर एकमुश्त समाधान योजना (OTS) लागू करने की तैयारी कर रहा है. इस पहल से न केवल आम आवंटियों को राहत मिलेगी, बल्कि सरकार को भी हजारों करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की संभावना है.
6 हजार से ज्यादा आवंटियों को मिलेगा लाभ
प्रस्तावित ओटीएस योजना लागू होने के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) और उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद के कुल छह हजार से अधिक आवंटियों को सीधा फायदा मिलेगा. इसमें EWS श्रेणी से लेकर बड़े बकायेदार तक शामिल हैं. अनुमान है कि इस योजना के जरिए सरकार को करीब 3 हजार करोड़ रुपये से अधिक की आय हो सकती है.
मुख्यमंत्री योगी का स्पष्ट संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि लंबे समय से लंबित देय और विवादित मामलों से योजनाओं की गति धीमी पड़ती है और आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसी व्यवस्था लागू की जाए जो तेज, पारदर्शी और व्यावहारिक हो.
सरकार और नागरिक,दोनों को फायदा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल राजस्व जुटाना नहीं, बल्कि आवंटियों को भी राहत देना है. नई ओटीएस योजना के जरिए विभाग को जरूरी राजस्व मिलेगा और लोगों को वर्षों पुराने विवादों से छुटकारा मिलेगा. इससे निर्माण कार्यों और आवासीय योजनाओं को भी नई गति मिलेगी.
ओटीएस-2020 से मिली सीख
गौरतलब है कि वर्ष 2020 में लागू ओटीएस योजना से बड़ी संख्या में मामलों का समाधान हुआ था. हालांकि, कोविड-19 महामारी के कारण कई आवंटी अंतिम भुगतान नहीं कर पाए थे. इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस बार योजना को और अधिक लचीला और व्यावहारिक बनाए जाने पर विचार किया जा रहा है.
एलडीए और आवास परिषद का आकलन
एलडीए अधिकारियों के अनुसार, लखनऊ में EWS से लेकर बड़े बकायेदारों की संख्या करीब दो हजार है, जिनसे एक से डेढ़ हजार करोड़ रुपये तक मिलने की संभावना है. वहीं, उप आवास आयुक्त एवं संपत्ति अधिकारी पल्लवी मिश्रा के मुताबिक, उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद में पांच से छह हजार बकायेदार हैं और यहां से भी लगभग डेढ़ हजार करोड़ रुपये की वसूली संभव है.
जल्द होगा अंतिम फैसला
अधिकारियों का कहना है कि योजना लागू होने के बाद बकायेदारों का स्पष्ट और सटीक आकलन किया जाएगा. उम्मीद की जा रही है कि नई ओटीएस योजना से आवास क्षेत्र में लंबे समय से अटके मामलों का निर्णायक समाधान निकल सकेगा.
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