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योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश Photograph: (X@myogiadityanath)
जिला नगरीय विकास अभिकरण के तहत संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 को जिले में बड़ी गति मिली है. प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘वन क्लिक’ प्रणाली के माध्यम से 5100 लाभार्थियों के बैंक खातों में एक-एक लाख रुपये की पहली किस्त सीधे हस्तांतरित की. धनराशि सीधे खातों में पहुंचने से पात्र परिवारों में उत्साह का माहौल है और पक्के घर का सपना अब हकीकत में बदलता नजर आ रहा है.
निर्माण के लिए तय किए गए सख्त मानक
एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह ने स्पष्ट किया है कि आवास निर्माण पूरी तरह शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार ही कराया जाएगा. प्रत्येक लाभार्थी को न्यूनतम 30 वर्गमीटर और अधिकतम 45 वर्गमीटर क्षेत्रफल में ही मकान बनवाने की अनुमति होगी.
इसके साथ ही यह भी अनिवार्य किया गया है कि मकान का निर्माण केवल भूतल पर ही किया जाए. प्रथम या द्वितीय तल पर किसी भी प्रकार का निर्माण मान्य नहीं होगा. यदि किसी लाभार्थी की ओर से नियमों का उल्लंघन किया जाता है, तो अवमुक्त की गई धनराशि की वसूली की जाएगी.
गुणवत्ता पर विशेष जोर
प्रशासन ने निर्माण की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है. सभी लाभार्थियों को निर्देश दिया गया है कि मकान की छत आरसीसी (रीइन्फोर्स्ड सीमेंट कंक्रीट) की ही डलवाई जाए, ताकि भवन सुरक्षित और टिकाऊ रहे.
संबंधित विभाग समय-समय पर निर्माण कार्य का निरीक्षण करेगा. अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि आवास मानक डिजाइन और गुणवत्ता के अनुरूप ही तैयार हो. इससे न केवल भवन की मजबूती सुनिश्चित होगी, बल्कि भविष्य में किसी प्रकार की संरचनात्मक समस्या से भी बचाव होगा.
योजना पूरी तरह निःशुल्क
अधिकारियों ने दोहराया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी पूरी तरह निःशुल्क है. लाभार्थियों को किसी भी स्तर पर किसी अधिकारी या बिचौलिये को धनराशि देने की आवश्यकता नहीं है. यदि कोई व्यक्ति योजना के नाम पर पैसे की मांग करता है, तो उसकी सूचना तुरंत प्रशासन को देने की अपील की गई है.
शहरी विकास को मिलेगा बल
एक साथ बड़ी संख्या में धनराशि जारी होने से जिले में आवास निर्माण गतिविधियां तेज होने की संभावना है. इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी.
प्रशासन का कहना है कि पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. यह पहल न केवल आवासीय जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी.
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