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कासगंज में सांप्रदायिक तनाव, गाड़ियां आग के हवाले (फोटो-PTI)
उत्तर प्रदेश के कासगंज में शुक्रवार को गणतंत्र दिवस के मौके पर तिरंगा यात्रा के दौरान दो समुदायों में शुरू हुआ बवाल आज भी जारी है। शनिवार देर रात उपद्रवियों ने कुछ गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया।
वहीं प्रशासन की चप्पे-चप्पे पर नजर बनी हुई है। पूरे शहर में धारा 144 लागू है। रविवार रात 10 बजे तक के लिए इंटरनेट सेवा रोक दी गई है, ताकि अफवाहों को रोका जा सके।
प्रशास की तमाम मुस्तैदी के बाद भी हिंसा नहीं थम रही है। शनिवार देर रात को कुछ लोगों ने दो अलग-अलग जगहों पर तीन गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया।
अलीगढ़ मंडल के आयुक्त एससी शर्मा ने कहा, 'हम क्षेत्र में गश्त कर रहे हैं और ऐसी घटनाओं को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। यह घटना बाहरी इलाके में हुई और इसलिए हमारे पास इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।'
Kasganj: Three vehicles set ablaze in two separate incidents in Nadrai & Chungi; Aligarh Division Commissioner SC Sharma says,'we are patrolling the area & trying to avoid such incidents. This incident took place in outskirts & so we don't have much info about it' #KasganjClashespic.twitter.com/3x8oRvKVYv
— ANI UP (@ANINewsUP) January 27, 2018
वहीं बवाल में मौत के शिकार हुए मृत चंदन गुप्ता के अंतिम संस्कार के दौरान श्मशान से लौट रहे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। शनिवार सुबह को उपद्रवियों ने चार दुकान और दो बसों में आग लगा दी। अलीगढ़ मंडलायुक्त और आईजी समेत कई जिलों के अधिकारी और फोर्स हालात को नियंत्रित करने के लिए मौजूद हैं।
स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। कासगंज शहर के सभी पेट्रोल पंप बंद करा दिए गए हैं। बसों का परिचालन भी ठप हो गया है। कासगंज जिले की सभी सीमाएं सील कर पीएसी लगाई गई है।
49 लोग गिरफ्तार
इस पूरे मामले में 2 अलग-अलग केस दर्ज किये गये हैं। इन दो मामलों में 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा पुलिस ने ऐहतियातन 40 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया है।
कासगंज के जिलाधिकारी आर. पी. सिंह ने कहा कि कासगंज में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस, पीएसी एवं आरएएफ की तैनाती की गई है। पूरे मामले में लगातार नजर रखी जा रही है।
धरने पर बैठे सांसद
सांप्रदायिक बवाल के बाद एटा के सांसद राजवीर सिंह भी धरने पर बैठने गए, वहीं कासगंज जा रही साध्वी प्राची व उनके काफिले को सिकंदराराऊ पुलिस ने कासगंज रोड पर रोक लिया।
इस दौरान उनकी सिकंदराराऊ कोतवाल से नोंकझोंक हो गई। गाड़ी की चाबी निकालने से समर्थक आक्रोशित हो गए। समर्थकों के साथ साध्वी पंत चौराहा पर धरने पर बैठ गईं। जिससे अलीगढ़-एटा व मथुरा-बरेली मार्ग पर जाम लग गया।
योगी ने की शांति की अपील
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस घटना का संज्ञान लेते हुए दोनो समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील की है। इसके साथ ही उन्होंने इस घटना में शामिल दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने का निर्देश दिया है।
अखिलेश बोले- निर्दोष न फंसे
वहीं राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि इस मामले में दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। अखिलेश ने कहा, 'गणतंत्र दिवस के मौके पर कासगंज में जो भी हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है। इस मामले में जो भी दोषी हैं उन्हें सजा मिलनी चाहिए लेकिन किसी निर्दोष को नहीं फंसाया जाना चाहिए।'
कैसे शुरू हुआ बवाल?
गौरतलब है कि गणतंत्र दिवस पर समुदाय विशेष के लोगों ने एबीवीपी-विश्व हिंदू परिषद की तिरंगा यात्रा पर पथराव कर दिया था जिससे पूरे शहर में बवाल हो गया था। यात्रा पर जमकर फायरिंग और पथराव के साथ आगजनी की कोशिश की गई।
इस दौरान गोली लगने से एक युवक चंदन गुप्ता की मौत हो गई जबकि दो घायल हो गए। पथराव में आधा दर्जन चोटिल हैं, जिसमें कुछ पुलिस कर्मी भी शामिल हैं।
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HIGHLIGHTS
- कासगंज में तनाव बरकरार, धारा 144 लागू, रविवार तक इंटरनेट सेवा रोकी गई
- शनिवार देर रात को कुछ लोगों ने दो अलग-अलग जगहों पर तीन गाड़ियों को आग के हवाले किया
- गणतंत्र दिवस पर एबीवीपी-विश्व हिंदू परिषद की तिरंगा यात्रा पर कुछ लोगों ने पथराव किया था, जिसके बाद हिंसा भड़की
Source : News Nation Bureau