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इलाज के अभाव में महिला ने अस्पताल के सामने सड़क पर दिया बच्चे को जन्म

यही वजह है कि सरकारी अस्पताल के डॉक्टर निर्दयी ही नहीं बेहद निरंकुश बनते जा रहे हैं.

Written By : अज़ीम मिर्ज़ा | Edited By : Yogesh Bhadauriya | Updated on: 28 Feb 2020, 09:16:59 AM
प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: News State)

Lucknow/Bahraich:  

जनता की सेवा करने के लिए सरकार की तरफ से तैनात किए गए सरकारी डाक्टरों की संवेदनशीलता शायद अब बद से बद्दतर होती जा रही है. यही वजह है कि सरकारी अस्पताल के डॉक्टर निर्दयी ही नहीं बेहद निरंकुश बनते जा रहे हैं. ऐसा ही एक ताजा मामला उत्तर प्रदेश के बहराइच से सामने आया है जहां एक तरफ सड़क पर गर्भवती महिला तड़पती रही लेकिन कुछ दूर बैठे डॉक्टरों के पूरे कुनबे पर जूं नहीं रेंगी. जिसके चलते इलाज के अभाव में प्रसूता महिला को अस्पताल परिसर के बाहर सड़क पर खुलेआम बच्चा हो गया.

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चादर का पर्दा बनाकर सड़क पर हुई डिलीवरी

महिला को सड़क पर तड़पता देख दूसरे मरीजों के परिजनों ने चद्दर का पर्दा बनाकर सड़क पर ही महिला की डिलीवरी करवायी. लेकिन डाक्टरों की संवेदनहीनता का ये आलम रहा कि महिला अस्पताल गेट के पास चिल्लाती व तड़पती रही पर किसी ने उसे स्ट्रेचर पर अस्पताल के भीतर ले जाने की जहमत नहीं की.

होगी कार्यवाही 

बताया जा रहा है कि बशीरगंज की शफीकुन्निशा नाम की महिला के परिजन उसे अस्पताल में लेकर पहुंचे थे. रात ज्यादा होने की वजह से डाक्टरों ने उसे एडमिट करने से मना कर दिया. इसी बीच महिला को प्रसव पीड़ा शुरु हो गई. महिला को सड़क पर तड़पता देख दूसरे मरीजों के परिजनों ने कपड़े से पर्दा कर महिला का डिलीवरी करवायी. इस मामले पर जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाक्टर डी के सिंह ने बताया कि अस्पताल कर्मियों की लापरवाही की जानकारी मिलने पर उन्हें फटकार लगायी गयी है और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी. उन्होंने कहा अगर यह सही पाया गया कि प्रसव पीड़ा से पीड़ित महिला रोड पर तड़पती रही और उसकी किसी ने परवाह नहीं कि तो यह बहुत निन्दनीय है. उन्होंने कहा कि हम मामले की जांच कर रहे हैं कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा.

First Published : 28 Feb 2020, 09:16:59 AM

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