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शबनम के लिए उठने लगी आवाज, अयोध्या के महंत परमहंस दास ने की सजा माफ करने की अपील

अमरोहा की रहने वाली शबनम के लिए अब देश में आवाज उठने लगी है. लोग शबनम को फांसी की सजा माफ करने की अपील कर रहे हैं. इसी कड़ी में अयोध्या के संत भी शबनम के साथ खडे़ हो गए हैं.

News Nation Bureau | Edited By : Dalchand Kumar | Updated on: 20 Feb 2021, 09:00:56 AM
Mahant Paramhans Das

महंत परमहंस दास (Photo Credit: News Nation)

highlights

  • अमरोहा की शबनम के लिए उठने लगी आवाज
  • अयोध्या के महंत ने की सजा माफ करने की अपील
  • हत्याकांड में शबनम को सुनाई गई है फांसी की सजा

अयोध्या :

उत्तर प्रदेश में पहली बार आजाद भारत के बाद किसी महिला को फांसी दी जाएगी. इसके लिए मथुरा की जेल में तैयारियां भी शुरू हो गई हैं. मथुरा स्थित उत्तर प्रदेश के इकलौते फांसी घर में अमरोहा की रहने वाली शबनम को फांसी पर लटकाया जाएगा. हालांकि फांसी कब होगी, इसकी अभी कोई तारीख तय नहीं हुई है. लेकिन अब शबनम के लिए आवाज देश में उठने लगी है. लोग शबनम को फांसी की सजा माफ करने की अपील कर रहे हैं. इसी कड़ी में अयोध्या के संत भी शबनम के साथ खडे़ हो गए हैं.

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अयोध्या के महंत परमहंस दास ने राष्ट्रपति से शबनम की सजा को माफ करने की अपील की है. महंत परमहंस दास ने कहा कि मुस्लिम धर्म में पहले ही महिलाओं पर हलाला, खतना और ट्रिपल तलाक जैसे जुल्म होते हैं. उन्होंने कहा कि शबनम पहले ही काफी सजा काट चुकी है. महंत परमहंस दास ने अपील की है कि भारत भूमि पर महिलाओं का स्थान देवताओं से भी ऊपर है, इसलिए शबनम को राष्ट्रपति महोदय अपने विशेषाधिकार का प्रयोग करते हुए क्षमादान दें.

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दरअसल, 13 साल पहले अमरोहा की रहने वाली शबनम ने प्रेमी के साथ मिलकर परिवार के 7 लोगों की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी थी. अमरोहा जिले के हसनपुर क्षेत्र के गांव बावनखेड़ी के शिक्षक शौकत अली की इकलौती बेटी शबनम के सलीम के साथ प्रेम संबंध थे. शबनम ने 14 अप्रैल, 2008 की रात अपने प्रेमी के साथ मिलकर ऐसा खूनी खेल खेला कि सुनकर पूरा देश हिल गया था. शबनम ने अपने माता-पिता और 10 महीने के भतीजे समेत परिवार के 7 लोगों को पहले बेहोश करने की दवा खिलाई. बाद कुल्हाड़ी से काटकर मार डाला था.

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शबनम फिलहाल रामपुर जेल में बंद है, जबकि उसका प्रेमी आगरा जेल में है. शबनम राष्ट्रपति से सजा माफी की गुहार लगा चुकी हैं. हालांकि राष्ट्रपति ने 15 फरवरी को उसकी दया याचिका खारिज कर दी थी. शबनम ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था और पफांसी की सजा पर पुनर्विचार करने की याचिका दाखिल की थी. हालांकि कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी थी. अब बीते दिन हत्या की दोषी बंद शबनम की फांसी की सजा को राष्ट्रपति ने भी बरकरार रखा है, ऐसे में अब उसका फांसी पर लटकना तय हो गया है. हालांकि पिछले दिन शबनम के मासूम बेटे ने भी राष्ट्रपति से मां की फांसी की सजा माफ करने की अपील की. 

First Published : 20 Feb 2021, 09:00:56 AM

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