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सीएम योगी आदित्यनाथ Photograph: (X@myogiadityanath)
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश धीरे-धीरे बदल रहा है। जनसंख्या और विकास के केस में वह सबसे अग्रणी रहा है। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में दुनिया के सामने एक मिसाल पेश कर रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में राज्य में 'पौधरोपण महाभियान-2025' के तहत एक ही दिन में 37.21 करोड़ से अधिक पौधे लगाकर इतिहास रचा है। यह अभियान न केवल पौधों की संख्या को बढ़ाने बल्कि जन भागीदारी की मिसाल रखना है।
ऐतिहासिक रिकॉर्ड और जन-भागीदारी
जुलाई 2025 में पीएम नरेंद्र मोदी के आह्वान पर एक पेड मां के नाम से प्रेरित होकर उत्तर प्रदेश ने अपनी हरित विरासत को नया विस्तार दिया। इस महाभियान में प्रदेश के करीब 6.5 करोड़ नागरिकों ने 6 लाख से अधिक स्थानों का रुख किया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बीते आठ सालों में प्रदेश में 204 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए। इनमें 75 फीसदी पौधे आज भी सुरक्षित और जीवित हैं।
क्या है लक्ष्य
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के कुल हरित क्षेत्र (Green Cover) को वर्तमान में 9 फीसदी से बढ़ाकर 2026-27 तक 15 फीसदी करने का लक्ष्य रखा है। इसका उद्देश्य पूरा करने के लिए 'पेड़ लगाओ, पेड़ बचाओ' के मंत्र को अगले पांच सालों में कुल 175 करोड़ पौधे लगाने की प्लानिंग है।
अभियान के मुख्य आकर्षण
शहरों को स्वच्छ और हरा-भरा बनाने के लिए 'ग्रीन सिटी रैंकिंग' की शुरुआत की है। ग्रामीण स्तर पर पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने को को लेकर हर ग्राम सभा में 'ग्रीन चौपाल' का गठन किया गया है. यूपी यूपी कैम्पा (CAMPA) फंड के जरिए वनीकरण करने में देश में प्रथम स्थान पर रहा है.
तकनीकी नवाचार और मॉनिटरिंग
इस बार के अभियानों में मात्र पौधे लगाना ही नहीं सुरक्षा पर भी जोर दिया गया है। पौधों की जियो-टैगिंग हो रही है। उनके विकास की वास्तविक समय में निगरानी जारी है। इसके साथ ही, एक्सप्रेसवे और हाईवे के किनारों पर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कर 'ग्रीन कॉरिडोर' तैयार किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के खतरों को भापते हुए बेमौसम बारिश और हीटवेव जैसे संकट से निपटने के लिए वृक्षारोपण ही एकमात्र हल है।
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