UP Tourism Homestay Yojana: उत्तर प्रदेश में पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, प्रदेशवासी भी कर सकेंगे मोटी कमाई

UP Tourism Homestay Yojana: पर्यटन विभाग की विशेष टीमें प्रदेश के प्रमुख पर्यटन शहरों और जिलों में पहुंचेंगी. यहां स्थानीय निवासियों को योजना से जुड़ी सभी जानकारी दी जाएगी.

UP Tourism Homestay Yojana: पर्यटन विभाग की विशेष टीमें प्रदेश के प्रमुख पर्यटन शहरों और जिलों में पहुंचेंगी. यहां स्थानीय निवासियों को योजना से जुड़ी सभी जानकारी दी जाएगी.

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Dheeraj Sharma
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UP Tourism Homestay Yojana: उत्तर प्रदेश में पर्यटन सुविधाओं को बेहतर बनाने और स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने की दिशा में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने एक अहम कदम उठाया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप पर्यटन विभाग 14 से 30 जनवरी तक पूरे प्रदेश में होम स्टे और ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट योजना को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाने जा रहा है. इस अभियान का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों को योजना से जोड़ना और लंबे समय से लंबित आवेदनों का मौके पर निपटारा करना है.

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प्रदेशव्यापी जागरूकता अभियान, मौके पर मिलेगा रजिस्ट्रेशन

अभियान के दौरान पर्यटन विभाग की विशेष टीमें प्रदेश के प्रमुख पर्यटन शहरों और जिलों में पहुंचेंगी. यहां स्थानीय निवासियों को योजना से जुड़ी सभी जानकारी दी जाएगी. जिन लोगों ने पहले आवेदन किया था लेकिन उनका मामला किसी कारण से लंबित है, उनकी जांच कर पात्र आवेदकों को तुरंत रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट उपलब्ध कराया जाएगा. इससे जानकारी के अभाव में अब तक योजना से वंचित रहे लोगों को सीधा लाभ मिलेगा.

पर्यटन और रोजगार, दोनों को मिलेगा बढ़ावा

होम स्टे और Bread and Breakfast योजना-2025 का मकसद केवल पर्यटकों को किफायती और आरामदायक ठहरने की सुविधा देना नहीं है, बल्कि स्थानीय परिवारों के लिए आय का नया जरिया तैयार करना भी है. इस योजना के तहत लोग अपने घर के कुछ कमरों को होम स्टे के रूप में पंजीकृत कर सकते हैं. पर्यटकों को ठहरने के साथ-साथ घरेलू भोजन और स्थानीय संस्कृति का अनुभव मिलेगा, जिससे उनका यात्रा अनुभव और बेहतर होगा.

महंगे होटलों पर निर्भरता होगी कम

पर्यटन विभाग का मानना है कि होम स्टे व्यवस्था से पर्यटकों की होटल पर निर्भरता घटेगी और उन्हें स्थानीय माहौल में रहने का अवसर मिलेगा. वहीं, स्थानीय लोगों को बिना किसी बड़े निवेश के रोजगार और अतिरिक्त आय का साधन मिलेगा. इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी.

हर जिले को मिलेगा बजट, प्रचार-प्रसार होगा मजबूत

इस जागरूकता अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने हर जिले को लगभग 2 लाख रुपये का बजट उपलब्ध कराया है. इस राशि का उपयोग प्रचार सामग्री, जनसंपर्क कार्यक्रम और स्थानीय स्तर पर लोगों को जागरूक करने में किया जाएगा. पर्यटन विभाग का कहना है कि इससे प्रदेश का टूरिज्म इकोसिस्टम और मजबूत होगा.

इन पर्यटन शहरों पर रहेगा खास फोकस

मथुरा, वाराणसी, लखनऊ, प्रयागराज और अयोध्या जैसे प्रमुख पर्यटन जिलों में इस योजना को लेकर विशेष प्रयास किए जाएंगे. महाकुंभ, अयोध्या दीपोत्सव और मथुरा रंगोत्सव जैसे बड़े आयोजनों के दौरान होम स्टे योजना पर्यटकों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है.

स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति

कुल मिलाकर, यूपी टूरिज्म का यह कदम पर्यटन के विस्तार के साथ-साथ स्थानीय लोगों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है. इससे न केवल पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि प्रदेश में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे.

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