यूपी पंचायत चुनाव 2026: ओपी राजभर ने बताई तारीख? ग्राम पंचायत

यूपी में पंचायत चुनाव को लेकर पहले से ही. चर्चाएं चल रही हैं. इसी बीच योगी कैबिनेट में पंचायत मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बड़ा बयान दिया है.

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Mohit Saxena
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यूपी में पंचायत चुनाव को लेकर पहले से ही. चर्चाएं चल रही हैं. इसी बीच योगी कैबिनेट में पंचायत मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बड़ा बयान दिया है.

यूपी में पंचायत चुनाव को लेकर पहले से ही. चर्चाएं चल रही हैं. इसी बीच योगी कैबिनेट में पंचायत मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बड़ा बयान दिया है. जिसके बाद सियासी हलचल तेज हो गई है. मऊ दौरे पर पहुंचे राजभर ने कहा कि चुनाव आयोग पंचायत चुनाव कराने की पूरी तैयारी कर चुका है और 28 फरवरी तक चुनाव कार्यक्रम की घोषणा हो सकती है. उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलचल और बढ़ गई है. राजभर के मुताबिक बैलेट पेपर छप चुके हैं और आयोग अपना काम कर रहा है.

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भ्रम की स्थिति होने का कारण बन रहा

उन्होंने साफ किया कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संस्था है और इसका बीजेपी से कोई लेना देना नहीं है. राजभर ने विपक्ष के दावों में जनगणना और बोर्ड परीक्षाओं के कारण चुनाव टलने की बातों को खारिज करते हुए कहा कि अभी चुनाव टलने की कोई संभावना नहीं है. राज्य निर्वाचन आयोग और सरकार दोनों ही समय पर चुनाव कराने  के लिए प्रतिबद्ध हैं. 6 मार्च तक एसआईआर को लेकर अंतिम कार्य इतने कम समय पर कहा कि लोगों  को भ्रम की स्थिति होने का कारण बन रहा है. जबकि सारे अधिकारी व कर्मचारी कार्य में लगे हुए हैं. लोग अपना अलग-अलग अलाप रहे लेकिन राज्य निर्वाचन आयोग अपना काम कर रही है और सरकार भी अपना काम कर रही है. उत्तर प्रदेश में वर्ष 2026 में पंचायत चुनाव प्रस्तावित हैं. 

पंचायतों में पदों के आरक्षण निर्धारित होता है

हालांकि 1:25 जानकारों की मानें तो चुनाव में इस बार देरी हो सकती है. वर्ष 2021 की मई में संपन्न हुए पंचायत चुनाव भी कोरोना वायरस की संक्रमण की वजह से देरी से हुए थे. अब दावा है कि इस वर्ष अप्रैल मई में प्रस्तावित चुनाव फिर से देर हो सकते हैं. दरअसल हर पंचायत चुनाव से पहले पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन होता है. जिसके आधार पर ग्राम पंचायत, नगर पंचायत और जिला पंचायतों में पदों के आरक्षण निर्धारित होता है. पहले इसकी अनिम सूची आती है. अगर किसी को आपत्ति है तो उसके लिए एक निश्चित समय दिया जाता है. उसके बाद फाइनल लिस्ट आती है. सूत्रों के अनुसार पंचायत और नगर निकाय चुनाव एक साथ अलग-अलग चरणों में भी कराए जा सकते हैं. एक ओर जहां गांव में प्रधान चुने जाएंगे तो वहीं शहरों में चेयरमैन और मेयर का निर्वाचन हो सकता है. सूत्रों के मुताबिक 2027 या वर्ष 2028 में ही दोनों चुनाव एक साथ भी हो सकते हैं जो यूपी सरी के बड़े राज्य में वन नेशन वन इलेक्शन का लिटमस टेस्ट भी साबित हो सकता है. पंचायत चुनाव टाइम पर होंगे या विधानसभा चुनाव से ठीक पहले या बाद में इस पर कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है. सियासी दल ना अधिकारी. इतना जरूर है कि अगर चुनाव समय पर ना हुए तो गांव की सरकार अगले इलेक्शन तक सेक्रेटरी और जिला पंचायत की कमान बतौर प्रशासक जिलाधारी के हाथों में रहेगी. 

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