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योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश Photograph: (X@myogiadityanath)
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को यूपी में 'एक जनपद-एक व्यंजन' (One District One Cuisine) योजना का शुभारंभ कर दिया है. इस योजना से प्रदेश के 'एक जिला-एक उत्पाद' (One District One Product) कार्यक्रम के तर्ज पर तैयार किया गया है. इस योजना के तहत प्रदेश में खाने-पीने के सामानों को एक अलग पहचान मिलेगी.
'ओडीओसी' योजना से हलवाई, खाद्य सामग्री बेचने वालों और स्थानीय निवासियों को काफी लाभ मिलेगा. इससे उनके खास व्यंजनों को बड़े और वैश्विक बाजारों तक पहुंच मिलेगी. इससे स्थायी आजीविका के अवसर पैदा होने वाले हैं. सरकार ने इस योजना को शुरू करने को लेकर राज्य के स्थापना दिवस को चुना.
मेरे सम्मानित प्रदेश वासियों,
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) November 8, 2025
राजधानी लखनऊ को UNESCO ने 'क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी के रूप में चुना है। व्यंजन बनाने में रचनात्मकता के लिए मिली यह मान्यता लखनऊ ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के विविधता से भरे खान-पान का वैश्विक सम्मान है।
दुनिया को इस अप्रतिम स्वाद से परिचित… pic.twitter.com/N2MK1wvqTG
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने उत्तर प्रदेश दिवस के मौके पर 2018 में 'एक जिला-एक उत्पाद' योजना का शुभारंभ किया था. हालांकि अभी इसकी किसी तरह की सूची सामने नहीं आई है. अभी यह पता नहीं चल पाया है कि इसमें केवल शाकाहारी व्यंजन को शामिल किया गया है या इसमें मांसाहारी व्यंजन भी शामिल होंगे.
सीएम योगी की पहल
बीते साल नवंबर में संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनेस्को ने लखनऊ को उसकी खान-पान की समृद्ध विरासत को लेकर 'गैस्ट्रोनॉमी कैपिटल' का दर्जा दिया. इसके बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने 'एक जिला–एक व्यंजन' की अवधारणा को पेश किया. उस वक्त मुख्यमंत्री ने कहा था कि यह वैश्विक सम्मान सिर्फ लखनऊ के लिए नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के विविध भोजना संस्कृति के लिए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे घर पर बने पारंपरिक व्यंजनों की फोटो या वीडियो को साझा करें. इसे साथ #OneDistrictOneCuisine हैशटैग का प्रयोग करें.
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