सामाजिक कल्याण पर यूपी सरकार का अब तक का सबसे बड़ा कदम, पेंशन और स्कॉलरशिप में किया विस्तार

उत्तर प्रदेश आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 यह साफ संकेत देता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सामाजिक सुरक्षा और कल्याण को नीति के केंद्र में रखकर आगे बढ़ रही है.

उत्तर प्रदेश आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 यह साफ संकेत देता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सामाजिक सुरक्षा और कल्याण को नीति के केंद्र में रखकर आगे बढ़ रही है.

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Dheeraj Sharma
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CM Yogi

CM Yogi Photograph: (CM Yogi)

उत्तर प्रदेश आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 यह साफ संकेत देता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सामाजिक सुरक्षा और कल्याण को नीति के केंद्र में रखकर आगे बढ़ रही है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में सरकार ने इस क्षेत्र के लिए 34,504 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव रखा है, जो पिछले वर्षों की तुलना में एक बड़ा इजाफा है.

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नौ साल में लगभग दोगुना हुआ सामाजिक कल्याण बजट

आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2017-18 में सामाजिक सुरक्षा और कल्याण पर केवल 18,674 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे. यह राशि 2024-25 में बढ़कर 30,530 करोड़ रुपये तक पहुंची और अब 2025-26 में नया रिकॉर्ड बनाने जा रही है. यह वृद्धि सरकार के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” के संकल्प को जमीन पर उतारने की तस्वीर पेश करती है.

वृद्धजनों और दिव्यांगों को पेंशन से मिला आर्थिक सहारा

प्रदेश सरकार ने वृद्धजनों और दिव्यांगजनों के लिए पेंशन योजनाओं को मजबूती दी है. आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार दिसंबर 2025 तक 67.50 लाख वृद्धजनों और जनवरी 2026 तक 22.89 लाख दिव्यांगजनों को पेंशन का लाभ दिया गया.

वित्तीय वर्ष 2024-25 में 7,363.55 करोड़ रुपये की धनराशि से 60.99 लाख वृद्धजन लाभान्वित हुए, जो वर्ष 2017-18 की तुलना में 62.79 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है.

छात्रवृत्ति योजनाओं से शिक्षा को मजबूती

गरीब और पिछड़े वर्ग के छात्रों को शिक्षा से जोड़ने के लिए छात्रवृत्ति योजनाएं सरकार की अहम प्राथमिकता बनी हुई हैं. वर्ष 2025-26 में दिसंबर तक अनुसूचित जाति के 3.42 लाख, पिछड़ा वर्ग के 12.76 लाख और सामान्य वर्ग के 1.30 लाख छात्रों को छात्रवृत्ति का लाभ मिला.

वहीं 2024-25 में अनुसूचित जाति के छात्रों को 636.34 करोड़ रुपये, पिछड़ा वर्ग को 2,454.32 करोड़ रुपये और सामान्य वर्ग को 909.99 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी गई.

मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना से युवाओं को नई उड़ान

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना उम्मीद की किरण बनी है. वर्ष 2024-25 में 34.92 करोड़ रुपये खर्च कर 23,017 अभ्यर्थियों को निःशुल्क प्रशिक्षण दिया गया. वहीं 2025-26 में दिसंबर तक 23,801 अभ्यर्थी इस योजना के तहत तैयारी कर रहे हैं.

बेटियों के लिए मजबूत सामाजिक सुरक्षा

कन्या सुमंगला और सामूहिक विवाह योजनाओं ने बेटियों को सामाजिक और आर्थिक संबल दिया है. वर्ष 2024-25 में 95,466 कन्याओं के सामूहिक विवाह कराए गए. जनवरी 2026 तक 26.81 लाख बालिकाएं मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से लाभान्वित हो चुकी हैं.

कुल मिलाकर आर्थिक सर्वेक्षण यह दिखाता है कि उत्तर प्रदेश में सामाजिक कल्याण योजनाएं अब सिर्फ घोषणाएं नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर असर दिखाने वाली नीतियां बन चुकी हैं.

Uttar Pradesh
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